अगर मन में दृढ़ निश्चय हो और मेहनत से पीछे हटने का सवाल ही न हो, तो जीवन की सबसे कठिन परिस्थितियाँ भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। इसी बात को सच कर दिखाया है वाशिम जिले के नालंदा नगर, चिखली रोड की रहने वाली जयश्री अंभोरे ने, जिन्होंने झोपड़ी में एक साधारण कुर्सी से शुरू किए गए अपने काम को आज ‘साक्षी ब्यूटी पार्लर’ के रूप में एक सफल व्यवसाय में बदल दिया है।
जयश्री अंभोरे को बचपन से ही ब्यूटी और पार्लर व्यवसाय के प्रति गहरी रुचि थी। उन्हें स्वयं को सलीके से, सुंदर और आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करना पसंद था। यही शौक धीरे-धीरे उनके जीवन का लक्ष्य बन गया। खास बात यह रही कि जब उनका बच्चा केवल दो महीने का था, तब भी उन्होंने हार नहीं मानी और पार्लर के क्लासेस करना जारी रखा। बच्चे को घर पर छोड़कर वे नियमित रूप से क्लासेस जाती थीं और पूरे मनोयोग से इस कला को सीखती थीं।
अपने ज्ञान को और बेहतर बनाने के लिए उन्होंने अलग-अलग मैडम और सर के पास जाकर कोर्स किए। सीखने के दौरान ही वे घर पर पड़ोस की महिलाओं पर प्रैक्टिस करती थीं। उस समय उनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी और वे एक छोटी-सी झोपड़ी में रहती थीं। लेकिन हालात चाहे जैसे भी हों, उनके हौसले मजबूत थे। उसी झोपड़ी में, बिना किसी सुविधा के, उन्होंने अपना पार्लर शुरू किया। 
न तो ठीक से बैठने की जगह थी, न ही संसाधन—बस एक टूटी-फूटी कुर्सी थी, उसी पर बैठाकर उन्होंने ग्राहकों को सेवा देना शुरू किया। उनका काम इतना अच्छा होता था कि महिलाएं संतुष्ट होकर दूसरी महिलाओं को उनके बारे में बताने लगीं। धीरे-धीरे ‘साक्षी ब्यूटी पार्लर’ का नाम फैलने लगा।
काम बढ़ने के साथ-साथ जयश्री अंभोरे ने पार्लर का जरूरी सामान खरीदा। समय के साथ झोपड़ी की जगह एक पक्का घर बना और उसी घर के एक कमरे में उन्होंने छोटा-सा लेकिन व्यवस्थित पार्लर शुरू किया। दिनभर पार्लर का काम और रात में कपड़े सिलने का काम—इस कठिन दिनचर्या के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
अपने कौशल को और निखारने के लिए उन्होंने लगातार सेमिनार, वर्कशॉप, पार्लर मशीन, मेहंदी और ब्यूटी से जुड़े कई प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे किए। आज वे न केवल एक सफल ब्यूटीशियन हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी पार्लर और ब्यूटी से जुड़े क्लासेस देकर अपने पैरों पर खड़े होने की प्रेरणा दे रही हैं।
आज उनके क्षेत्र में जब भी किसी संघर्षशील महिला का उदाहरण दिया जाता है, तो जयश्री अंभोरे का नाम गर्व से लिया जाता है। लोग कहते हैं कि “इन ताईं ने जीवन में बहुत संघर्ष किया है और आज अपने दम पर एक पहचान बनाई है।”
आज जयश्री अंभोरे एक सफल ब्यूटीशियन हैं और अपने कर्तृत्व पर उन्हें पूरा गर्व है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि—
अगर इंसान ठान ले, तो सीमित साधनों में भी असीम सफलता हासिल की जा सकती है।
झोपड़ी की एक कुर्सी से शुरू हुआ यह सफर आज न केवल उनकी सफलता की कहानी है, बल्कि उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो कुछ कर गुजरने का सपना देखती हैं।