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पूर्व इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जॉको विडोडो ने 29 जनवरी 2026 को दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिर श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, तिरुमला में दर्शन और पूजा-अर्चना की। यह उनका आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दौरा माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने मंदिर परिसर में भगवान वेंकटेश्वर को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मंदिर प्रशासन ने किया औपचारिक स्वागत
तिरुमला-तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अधिकारियों ने विडोडो का मंदिर परिसर में औपचारिक रूप से स्वागत किया और उन्हें दीक्षित दर्शन के लिए मंदिर के भीतरी हिस्से तक escorted किया। दर्शन के बाद, अधिकारीयों ने उन्हें रंगनाथायाकुला मंडपम में पारंपरिक रेशमी वस्त्र, प्रसादम और भगवान वेंकटेश्वर की एक चित्र प्रतिमा भेंट की।
अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व
तिरुमला के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर को विश्व के धर्म और आध्यात्मिकता के प्रमुख स्थलों में से एक माना जाता है। यह मंदिर न केवल लाखों श्रद्धालुओं का केंद्र है बल्कि विश्व भर के धर्म, संस्कृति और सभ्यता के संवाद का एक प्रतीक भी है। विडोडो जैसे अंतरराष्ट्रीय नेता का यहाँ दर्शन सांस्कृतिक सौहार्द और भारत-इंडोनेशिया के ऐतिहासिक आध्यात्मिक संबंधों को भी रेखांकित करता है।
जॉको विडोडो: आध्यात्मिक सौहार्द का संदेश
विगत में राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर चुके जॉको विडोडो का यह मंदिर दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ मूल्य-आधारित सहयोग और संवाद को भी दर्शाता है। हिंदू धार्मिक स्थानों की यात्रा कार्यक्रमों से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है और यह दक्षिण-पूर्व एशिया एवं भारत के बीच समुदायिक एवं सांस्कृतिक संयोजन को मजबूती प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।








