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बांग्लादेश और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सोमवार को हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बांग्लादेश को अपने कई उत्पादों के लिए यूएस टैरिफ दर 19% तक घटाने में सफलता मिली है। समझौते के अंतर्गत **कुछ वस्त्र (गारमेंट) और टेक्सटाइल उत्पादों को शर्त-आधारित रूप से अमेरिका में ड्यूटी-फ्री (शून्य शुल्क) में प्रवेश करने की छुट भी मिलेगी, बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख ने कहा।
बांग्लादेश ने लंबे नौ महीनों की बातचीत के बाद यह समझौता अंतिम रूप दिया है, जिसमें उन वस्त्रों के लिए विशेष व्यवस्था है जिनमें अमेरिका से आयातित कच्चे माल (जैसे अमेरिकी कपास या मानव-निर्मित फाइबर) का कम-से-कम हिस्सा होता है। ऐसे उत्पादों पर यूएस बाज़ार में कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा।
टैरिफ में कटौती और छूट का असर
इस समझौते से पहले अमेरिका ने बांग्लादेशी उत्पादों पर 37% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे अगस्त 2025 में 20% कर दिया गया था। अब यह दर और कम होकर 19% रह गई है।
विशेष रूप से तैयार-मदे वस्त्रों के क्षेत्र में, जो बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख हिस्सा हैं और देश की कुल निर्यात आय का 80% से अधिक हिस्सा बनाते हैं, शून्य शुल्क सुविधा मिलने से ये उत्पाद प्रतिस्पर्धात्मक बने रहेंगे और अमेरिकी बाजार में अधिक सस्ते में उतर सकेंगे।
दोनों देशों का लाभ और प्रतिबद्धताएँ
इस समझौते में दोनों पक्षों ने व्यापार में और सहयोग बढ़ाने के कदम उठाए हैं। बांग्लादेश ने:
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अमेरिका के औद्योगिक और कृषि उत्पादों को प्राथमिक बाज़ार पहुँच देने पर सहमति दी है।
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गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाने के लिए अमेरिका के सुरक्षा और मानक नियमों को मंज़ूरी देने का निर्णय लिया है।
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नियोजित वाणिज्यिक सौदों में लगभग 14 बोइंग विमान, 3.5 अरब डॉलर के कृषि उत्पादों और 15 अरब डॉलर के ऊर्जा वस्तुओं के आयात पर समझौते शामिल हैं।
बांग्लादेश ने साथ ही अंतरराष्ट्रीय श्रम अधिकारों और पर्यावरण सुरक्षा मानकों का समर्थन करने का भी वादा किया है।
क्षेत्रीय व्यापार पर प्रभाव
यह समझौता दक्षिण एशिया में व्यापार समीकरण को बदल सकता है। कुछ आलोचकों का कहना है कि भारत के लिए यह एक चुनौती हो सकती है क्योंकि बांग्लादेश को कुछ उत्पादों में शून्य शुल्क लाभ मिलने की संभावना है, जबकि भारत के लिए अभी भी अलग दरें लागू हैं।








