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उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) या हाइपरटेंशन के इलाज में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। अब तक मरीजों को हर दिन दवाइयाँ लेनी पड़ती थीं, लेकिन आने वाले समय में साल में सिर्फ दो बार मिलने वाला इंजेक्शन बीपी नियंत्रण में मदद कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में कई लोग अपनी दवाइयों को लगातार नहीं लेते, जिससे ब्लड प्रेशर ठीक से नियंत्रित नहीं होता। इसीलिए वैज्ञानिकों ने ऐसे लंबी अवधि काम करने वाले इंजेक्शन पर शोध किया है, जिनके नतीजे छह महीने तक चल सकते हैं। इसके लिए कई दवाएँ क्लीनिकल ट्रायल के अंतिम चरण में हैं और सफल परिणाम दिखा रही हैं।
एक प्रकार के इंजेक्शन में RNA तकनीक का उपयोग होता है, जो शरीर में ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाले मार्गों को कम करने में मदद करता है। इससे बीपी नियंत्रण बेहतर होता है और दवा लेना भूलने की समस्या भी दूर हो सकती है।
इस नई पद्धति के ज़रिये मरीजों को सिर्फ दो बार इंजेक्शन लेना पड़ सकता है, जिससे नियमित दवाइयाँ लेने की बाधा कम होगी और दिल के दौरे, स्ट्रोक और अन्य गंभीर स्वास्थ्य खतरों से जोखिम भी घट सकता है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि कीमत और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी विचार करना ज़रूरी है। उच्च-स्तर के परीक्षणों के बाद ही यह इलाज बाजार में उपलब्ध होगा और आगे स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुमोदन की प्रतीक्षा करेगा।








