रणजीत कुमार | जहानाबाद, बिहार | समाचार वाणी न्यूज़
जिले के पतियावा गांव में नीट छात्रा मामले की जांच एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम चौथी बार जांच के सिलसिले में गांव पहुंची, लेकिन इस बार भी उन्हें निराशा हाथ लगी। परिजनों ने पूछताछ और किसी भी प्रकार के सहयोग से साफ इंकार कर दिया, जिसके चलते टीम को बिना कोई ठोस जानकारी लिए ही लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी CBI टीम तीन बार गांव का दौरा कर चुकी है और हर बार पूछताछ कर वापस लौट गई थी। हालांकि, अब तक जांच में कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आने से परिजनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। परिवार का कहना है कि बार-बार केवल पूछताछ की जा रही है, लेकिन जांच की दिशा स्पष्ट नहीं है और न ही कोई ठोस प्रगति दिखाई दे रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार टीम ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लेने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने बातचीत से ही इंकार कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने जांच में सहयोग करने से भी मना कर दिया। परिजनों का आरोप है कि पहले एसआईटी और अब सीबीआई भी मामले को सुलझाने के बजाय उलझा रही है।
परिवार लगातार मांग कर रहा है कि इस पूरे मामले की जांच हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके।
घटना के बाद से गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों में भी जांच की गति और दिशा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जाता है कि जहानाबाद के पतियावा गांव की रहने वाली छात्रा पटना में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी, जहां उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि आगे जांच किस दिशा में बढ़ती है और क्या इस मामले में कोई ठोस निष्कर्ष सामने आ पाता है या नहीं।








