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आज के प्रतिस्पर्धी दौर में हर युवा अपने जीवन में कुछ बड़ा करने का सपना देखता था। लेकिन इन सपनों को हकीकत में बदलने के लिए हिम्मत, मेहनत, धैर्य और सही निर्णय की आवश्यकता होती थी। आर्थिक चुनौतियाँ, समाज की सोच और असफलता का डर अक्सर लोगों को आगे बढ़ने से रोकते थे। फिर भी कुछ लोग इन सभी बाधाओं को पार कर अपनी अलग पहचान बनाने में सफल हुए। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी राजू अवघडे और निखिल बेंडखळे की रही।
मुंबई के मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले राजू अवघडे और निखिल बेंडखळे ने अलग-अलग स्थानों से बी.एससी. हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म की पढ़ाई पूरी की थी। पढ़ाई के बाद दोनों ने कुछ समय एक निजी कंपनी में नौकरी की थी। नौकरी से नियमित आय तो हो रही थी, लेकिन उनके मन में हमेशा यह विचार आता रहा कि जीवन में कुछ अपना करना चाहिए।
कुछ वर्षों तक नौकरी करने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया कि अब समय आ गया था कि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू करें।
व्यवसाय शुरू करने से पहले उन्होंने वाफल्स बिजनेस का गहराई से अध्ययन किया था। इंटरनेट के माध्यम से उन्होंने मशीनों की कीमत, कच्चे माल, बाजार की मांग और संभावित मुनाफे के बारे में जानकारी जुटाई थी।
उन्हें पता चला था कि शुरुआत के लिए लगभग 7 से 8 लाख रुपये की आवश्यकता होगी। अपने परिवार और मित्रों के सहयोग से उन्होंने यह राशि जुटाई और वाफल मशीन, पैनकेक मशीन, कच्चा माल तथा ब्रांडिंग के साथ अपने व्यवसाय की शुरुआत की।
19 जनवरी 2025 को विक्रोली में उनके दुकान का उद्घाटन हुआ था। उन्होंने अपने ब्रांड का नाम “FLAPJACK” रखा था।
शुरुआत के कुछ महीने काफी चुनौतीपूर्ण रहे थे। रोज़ाना केवल 20 से 25 वाफल्स ही बिक पाते थे। कई बार ऐसा लगता था कि शायद यह व्यवसाय सफल नहीं होगा।
कुछ लोगों ने यह भी कहा था,
“यहां यह बिजनेस नहीं चलेगा, लोगों को तो वडा-पाव ही पसंद है।”
लेकिन उन्होंने इन बातों को नजरअंदाज करते हुए अपनी मेहनत जारी रखी थी।
स्थिति को समझते हुए उन्होंने अपने काम में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए थे—
उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार किया गया,
सोशल मीडिया पर प्रचार शुरू किया गया,
आकर्षक ऑफर्स शुरू किए गए,
नए प्रोडक्ट्स जैसे बाउल केक और क्रॉफल्स शामिल किए गए,
दुकान की साफ-सफाई और प्रेजेंटेशन पर विशेष ध्यान दिया गया।
इन प्रयासों का परिणाम जल्द ही दिखाई देने लगा था। ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी थी और कॉलेज कार्यक्रमों तथा पार्टियों के लिए ऑर्डर मिलने लगे थे।
जब व्यवसाय स्थिर होने लगा था, तब उन्होंने एक कर्मचारी भी नियुक्त किया था। कुछ ही महीनों में उनकी बिक्री में अच्छी वृद्धि हुई थी।
इसके बाद 27 जुलाई 2025 को उन्होंने विरार में अपनी दूसरी शाखा शुरू की थी।
उनके प्रयासों के कारण उस क्षेत्र में वाफल्स जैसे नए फूड आइटम की लोकप्रियता भी बढ़ी थी।
आज R & N Enterprises (FLAPJACK) एक सफल व्यवसाय बन चुका था। आगे उनका लक्ष्य अपने ब्रांड का विस्तार करना, फ्रेंचाइज़ मॉडल शुरू करना और अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना रहा।
उनकी उद्यमशीलता और संघर्षपूर्ण सफलता को देखते हुए प्रतिष्ठित “Maharashtra Business Icon” सम्मान के लिए उनका चयन किया गया था। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा प्रदान किया जाना तय हुआ था।
इस भव्य समारोह में प्रसिद्ध अभिनेत्री Prarthana Behere विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहने वाली थीं, जबकि कार्यक्रम का नेतृत्व Sudhir Kumar Pathade द्वारा किया जा रहा था।
राजू अवघडे और निखिल बेंडखळे की कहानी ने यह साबित किया कि यदि व्यक्ति में दृढ़ संकल्प, मेहनत और सही सोच हो, तो वह किसी भी छोटे विचार को बड़े व्यवसाय में बदल सकता है।
उनकी यह यात्रा आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बनी, जिसने यह संदेश दिया कि सपने देखना ही नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए साहसिक कदम उठाना भी आवश्यक होता है।








