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राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
राजस्थान सरकार ने बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने और उनके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राज्यभर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 15 लाख बच्चों को सप्ताह में 5 दिन गर्म दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस योजना को “नारी शक्ति” अभियान के तहत बच्चों और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि बच्चों का बेहतर स्वास्थ्य ही राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव है, और इस दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
इस योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाएगा, जो बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने और कुपोषण की समस्या को कम करने पर विशेष ध्यान देगा। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रारंभिक उम्र में सही पोषण मिलने से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है, जिससे वे भविष्य में स्वस्थ और सक्षम नागरिक बनते हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है, क्योंकि ये केंद्र पहले से ही बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े कार्यक्रमों का संचालन करते हैं।
योजना के प्रमुख बिंदु:
- राज्यभर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर लगभग 15 लाख बच्चों को लाभ
- 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को शामिल किया गया
- सप्ताह में 5 दिन गर्म दूध की व्यवस्था
- कुपोषण की समस्या को कम करने पर विशेष फोकस
- महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री ने कहा कि “नारी शक्ति – राजस्थान की पहचान” के संकल्प को साकार करते हुए यह योजना बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे न केवल बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी, बल्कि उनके शारीरिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
सरकार की यह पहल राज्य में कुपोषण के खिलाफ एक सशक्त कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।








