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हनुमानगढ़ जिले के भादरा क्षेत्र स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आज शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी Pannalal Kadela और सहायक निदेशक Subhash Chandra Ghotia ने विद्यालय का दौरा कर प्रवेशोत्सव अभियान तथा हाउसहोल्ड सर्वे की प्रगति का जायजा लिया।
विद्यालय पहुंचने पर अधिकारियों ने सबसे पहले अभियान से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन किया और शिक्षकों एवं स्टाफ से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि क्षेत्र में कितने नए विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है, किन-किन परिवारों तक पहुंच बनाई गई है और किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान विद्यालय प्रशासन द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों और रिपोर्ट्स का भी गहन अध्ययन किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय स्टाफ द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और कहा कि प्रवेशोत्सव अभियान को सफल बनाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से टीम ने मेहनत और समर्पण के साथ कार्य किया है, वह अन्य विद्यालयों के लिए भी एक प्रेरणा है।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि अधिक से अधिक अभिभावकों से संपर्क स्थापित किया जाए, ताकि वे अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर सुविधाएं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध है, जिससे बच्चों का समग्र विकास संभव है।
अधिकारियों ने हाउसहोल्ड सर्वे की प्रक्रिया पर भी विशेष ध्यान दिया और निर्देश दिए कि सर्वे को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि हर घर तक पहुंच बनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इस दिशा में शिक्षकों और शिक्षा विभाग की संयुक्त जिम्मेदारी है कि वे समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा का महत्व पहुंचाएं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य Ramesh Kumar Sharma, उप प्रधानाचार्य Om Prakash Sudda सहित नोरंग लाल शीला, राजकुमार, रोहतास गोदारा, रेखा रानी और अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।
विद्यालय प्रशासन ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि वे दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन करेंगे और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को विद्यालय से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रवेशोत्सव अभियान के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों को सरकारी विद्यालयों की विशेषताओं के बारे में जानकारी मिल सके।
शिक्षा विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान न केवल नामांकन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का भी एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है, जहां अब अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति अधिक सजग हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के निरीक्षण और समीक्षा से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है। इससे न केवल अधिकारियों को जमीनी स्थिति की जानकारी मिलती है, बल्कि विद्यालयों को भी अपने कार्यों में सुधार करने का अवसर मिलता है।
अंततः, सीडीईओ पन्नालाल कड़ेला और सहायक निदेशक सुभाष चंद्र घोटिया का यह दौरा प्रवेशोत्सव अभियान को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है।








