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राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आज आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम में प्रदेश की मातृशक्ति के साथ एक विशेष संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने महिलाओं के साथ सीधा संवाद करते हुए उनके सशक्तिकरण, विकास और सहभागिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। यह अधिनियम महिलाओं की राजनीति में भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिए लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। राज्य सरकार भी उसी सोच और संकल्प के साथ प्रदेश की महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है।
उन्होंने ‘डबल इंजन सरकार’ की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर महिलाओं के विकास के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही हैं। इनमें ‘लखपति दीदी’ और ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी योजनाएं प्रमुख हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं और वे समाज में एक मजबूत पहचान बना रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के प्रभाव को बताया। कई महिलाओं ने कहा कि सरकारी योजनाओं से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है और वे अब अपने परिवार के साथ-साथ समाज में भी योगदान दे रही हैं। इस संवाद ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत और प्रेरणादायक बना दिया।
मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक महिला को समान अवसर और सम्मान मिले।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल एक सामाजिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी समाज और देश का समग्र विकास संभव हो सकेगा। इसी सोच के साथ सरकार आगे भी नई योजनाएं और पहल लेकर आएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। इससे न केवल नीतियों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचती है, बल्कि सरकार को जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने का भी अवसर मिलता है। ‘नारी शक्ति वंदन’ जैसे कार्यक्रम महिलाओं को अपनी बात रखने का मंच प्रदान करते हैं, जिससे उनकी भागीदारी और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि होती है।
जयपुर में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर प्रदेशभर में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। सामाजिक संगठनों और महिला समूहों ने इस पहल की सराहना की है और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
अंततः, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा आयोजित यह संवाद कार्यक्रम न केवल महिलाओं के मुद्दों को सामने लाने में सफल रहा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार मातृशक्ति को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इस प्रकार के कार्यक्रमों से महिलाओं की स्थिति और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।








