रणजीत कुमार | जहानाबाद, बिहार | समाचार वाणी न्यूज़
जहानाबाद में मंडई वीयर परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें परियोजना कार्यों की प्रगति और प्रभावित रैयतों को मुआवजा भुगतान की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया गया। जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रभावित रैयतों को समय पर मुआवजा भुगतान सुनिश्चित किया जाए और लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए।
शनिवार को आयोजित इस समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मंडई वीयर परियोजना की कुल स्वीकृत राशि 56.38 करोड़ रुपये है। इसमें अब तक 781 रैयतों को 37.33 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान सिंचाई प्रमंडल घोसी के कार्यपालक अभियंता ने जानकारी दी कि मौजा तड़वा में भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र (एलपीसी) जारी नहीं होने के कारण कुछ रैयतों द्वारा निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की जा रही है। इस पर डीएम अलंकृता पाण्डेय ने मोदनगंज के अंचल अधिकारी को तत्काल लंबित एलपीसी जारी करने का निर्देश दिया।
जिला भू-अर्जन कार्यालय को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी लंबित एलपीसी मामलों की अमीन से मापी कराकर सोमवार तक भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए। वहीं भूमि सुधार उप समाहर्ता को रैयतीकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
समीक्षा बैठक में संवेदक द्वारा जानकारी दी गई कि मौजा अनंतपुर में निर्माण कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। इस पर जिला पदाधिकारी ने निर्माण एजेंसी को मशीनरी और मानव बल बढ़ाने का निर्देश देते हुए तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने को कहा।
डीएम ने सिंचाई प्रमंडल घोसी के कार्यपालक अभियंता को सतत लीज के तहत जारी एलपीसी का शीघ्र निबंधन कराने और प्रभावित रैयतों को समय पर मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़े सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
बैठक में अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता, कार्यपालक अभियंता सिंचाई प्रमंडल घोसी सहित कई संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मंडई वीयर परियोजना क्षेत्र के सिंचाई विकास और किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण योजना है, इसलिए इसके कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








