कॉमेडियन प्रणित मोरे की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। उनके स्टैंडअप शो में कथित रूप से किए गए अश्लील और आपत्तिजनक बयानों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब महाराष्ट्र गृह विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं।
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में शो के दौरान किए गए कथित विवादित मजाकों और टिप्पणियों को लेकर व्यापक नाराजगी देखने को मिली थी। इनमें एक मेडिकल छात्रा द्वारा मृतदेह के निजी अंगों को लेकर की गई टिप्पणी और एक अन्य प्रतिभागी द्वारा सुनाया गया विवादास्पद बिरयानी प्रसंग चर्चा का विषय बना हुआ है।
राज्य के गृह विभाग के राज्यमंत्री पंकज भोयर ने कहा है कि इस प्रकार के विकृत और सामाजिक संवेदनाओं को आहत करने वाले मजाक स्वीकार नहीं किए जा सकते। उन्होंने बताया कि साइबर पुलिस और संबंधित एजेंसियों को मामले की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं।
भोयर ने कहा कि केवल हाल ही में वायरल हुए वीडियो ही नहीं, बल्कि प्रणित मोरे के शो के पुराने कंटेंट और अपलोड किए गए वीडियो की भी विस्तृत जांच की जाएगी। यदि किसी वीडियो में आपत्तिजनक, अश्लील या समाज विरोधी सामग्री पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला आयोग ने भी इस मामले में नोटिस जारी किया है और विभिन्न स्तरों पर जांच प्रक्रिया चल रही है। समाज में गलत संदेश देने वाले या संवेदनशील विषयों पर अमर्यादित टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।
मामले को लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। विशेष रूप से देहदान और अंगदान जैसे संवेदनशील विषयों पर की गई कथित टिप्पणियों को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
इस बीच संबंधित महिला डॉक्टर के खिलाफ भी संस्थागत स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आई है। वहीं सोशल मीडिया पर कई संगठनों और नागरिकों ने प्रणित मोरे के शो पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठाई है।
गृह विभाग के आदेशों के बाद अब यह मामला केवल सोशल मीडिया विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसकी आधिकारिक जांच शुरू होने से आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।








