महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही हलचल के बीच अब कांग्रेस पार्टी के भीतर भी बड़े राजनीतिक भूचाल के संकेत मिल रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ पार्टी के एक नाराज गुट ने मोर्चा खोल दिया है और उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर अब सीधे पार्टी हाईकमान तक पहुंच गया है।
सूत्रों के अनुसार, नागपुर और मराठवाड़ा क्षेत्र के कई वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जाहिर की है। इसके बाद अब इन नेताओं ने कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi से मिलने का समय भी मांगा है।
आखिर क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के कामकाज को लेकर पार्टी के कई नेताओं में लंबे समय से असंतोष है। नाराज नेताओं का आरोप है कि उनके नेतृत्व में संगठन कमजोर हुआ है और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय की कमी बढ़ी है।
नाराज गुट का कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की स्थिति लगातार कमजोर हुई है और संगठन को मजबूत करने के लिए नए नेतृत्व की जरूरत है।
कौन-कौन नेता हैं नाराज?
दिल्ली पहुंचे नाराज नेताओं में प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- पूर्व मंत्री अनिल पटेल
- पूर्व विधायक नामदेव पवार
- नेता संजय राठौड़
- पूर्व सांसद तुकाराम रेंगे
- नागपुर और मराठवाड़ा क्षेत्र के कई अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता
इन नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई है और संगठन में बदलाव की मांग उठाई है।
राहुल गांधी की बैठक पर टिकी नजरें
कांग्रेस के अंदर चल रही इस खींचतान के बीच अब सभी की नजर राहुल गांधी से संभावित मुलाकात पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि नाराज गुट अपनी मांगों को उनके सामने विस्तार से रखेगा।
यदि पार्टी नेतृत्व ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया तो महाराष्ट्र कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, पार्टी नेतृत्व फिलहाल इस विवाद को सार्वजनिक रूप से बढ़ने से रोकने की कोशिश कर सकता है।
कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण समय
महाराष्ट्र में कांग्रेस पहले ही राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवाल संगठन के लिए नई परेशानी बन सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में हाईकमान की प्रतिक्रिया तय करेगी कि यह असंतोष सीमित रहता है या फिर महाराष्ट्र कांग्रेस में बड़े बदलाव का कारण बनता है।
फिलहाल, राहुल गांधी के साथ होने वाली संभावित बैठक और उसके बाद लिए जाने वाले फैसलों पर पूरे राज्य की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।








