महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे चर्चित मामलों में शामिल पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में आज फैसला आने की उम्मीद थी, लेकिन विशेष अदालत ने फैसला सुनाने की तारीख आगे बढ़ा दी। अदालत ने कहा कि निर्णय तैयार करने के लिए कुछ और समय की आवश्यकता है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जून को होगी।
फैसला टलने के बाद सांसद ओमराजे निंबालकर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनका परिवार पिछले 20 साल 13 दिनों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है और उन्हें उम्मीद है कि अदालत से न्याय जरूर मिलेगा।
“20 साल से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं”
ओमराजे निंबालकर ने कहा कि उनके परिवार और दूसरे पक्ष ने संविधान और न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखते हुए यह लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि आज अदालत ने फैसला सुनाने की तारीख दी थी, लेकिन कुछ प्रक्रियात्मक कारणों से इसे 20 जून तक के लिए टाल दिया गया।
उन्होंने कहा कि सामान्य व्यक्ति के लिए न्याय पाना बेहद कठिन होता है। यदि उनके पास संसाधन और क्षमता नहीं होती, तो शायद यह मामला यहां तक नहीं पहुंच पाता।
“राजनीतिक वजह से की गई थी हत्या”
ओमराजे निंबालकर ने दावा किया कि पवनराजे निंबालकर की हत्या पूरी तरह राजनीतिक कारणों से की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 के विधानसभा चुनाव में उनके पिता को केवल 484 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था और यही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता इस घटना की वजह बनी।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता की हत्या पूरी योजना बनाकर, शांत दिमाग से और सोची-समझी रणनीति के तहत की गई थी।
“मेरे राजनीतिक जीवन की शुरुआत इसी संघर्ष से हुई”
ओमराजे निंबालकर ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत भी इसी संघर्ष से हुई। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की हत्या करके राजनीतिक विरोध खत्म नहीं किया जा सकता, बल्कि ऐसे संघर्षों से नया नेतृत्व जन्म लेता है।
उन्होंने धाराशिव लोकसभा क्षेत्र की जनता का आभार जताते हुए कहा कि लोगों ने उन्हें लगातार समर्थन दिया और उसी भरोसे की बदौलत वे आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
अदालत में आज क्या हुआ?
इस मामले में मुख्य आरोपी और पूर्व सांसद पद्मसिंह पाटिल समेत सभी आरोपी अदालत में मौजूद थे। हालांकि, मुख्य शूटर पिंटू चौधरी को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं किया गया।
पिंटू चौधरी फिलहाल बिहार में एक अन्य मामले में पुलिस हिरासत में है और उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। विशेष अदालत ने कहा कि आरोपी की भौतिक उपस्थिति आवश्यक है, इसलिए फैसला सुनाना फिलहाल संभव नहीं है।
20 जून को होगी अगली सुनवाई
जानकारी के अनुसार, पिंटू चौधरी की 19 जून को बिहार की एक अदालत में सुनवाई निर्धारित है। इसके बाद उसे 20 जून को मुंबई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि इस बहुचर्चित मामले में अब तक 128 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। दो दशक से अधिक समय से चल रहे इस मुकदमे के फैसले पर पूरे महाराष्ट्र की नजरें टिकी हुई हैं।








