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  • इंजीनियर संजय कुमार के नेतृत्व में ‘पाठशाला क्लासेस’ बना राजस्थान का भरोसेमंद प्रतियोगी शिक्षा संस्थान, हजारों युवाओं का सरकारी नौकरी का सपना किया साकार

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    राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की बात की जाए तो पाठशाला क्लासेस, जयपुर का नाम आज सबसे भरोसेमंद संस्थानों में लिया जाता है। वर्ष 2017 में स्थापित इस संस्थान ने बेहद कम समय में अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धति और उत्कृष्ट परिणामों के दम पर लाखों विद्यार्थियों का विश्वास जीत लिया है। विशेष रूप से कंप्यूटर साइंस एवं तकनीकी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी में पाठशाला क्लासेस ने राजस्थान में अपनी अलग पहचान स्थापित की है।

    संस्थान की इस सफलता के पीछे इंजीनियर संजय कुमार का दूरदर्शी नेतृत्व और वर्षों का शिक्षण अनुभव सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। बी.टेक., एम.टेक. और एमबीए जैसी उच्च शैक्षणिक योग्यताओं से समृद्ध संजय कुमार ने प्रतियोगी शिक्षा को केवल एक व्यवसाय नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य निर्माण का मिशन बनाया है। उनकी सटीक रणनीति, सरल शिक्षण शैली और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण ने हजारों युवाओं को सरकारी सेवाओं तक पहुंचाया है।

    पाठशाला क्लासेस की स्थापना का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के दूर-दराज के गांवों और छोटे कस्बों के विद्यार्थियों तक न्यूनतम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना रहा है। यही कारण है कि संस्थान ने ऑफलाइन के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों को भी समान प्राथमिकता दी और आज लाखों विद्यार्थी घर बैठे इसकी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

    संस्थान में इंजीनियर संजय कुमार के साथ अनुभवी शिक्षकों की एक मजबूत टीम कार्यरत है, जिसमें राम सर, करण सर और पवन गोस्वामी सर जैसे प्रतिष्ठित फैकल्टी सदस्य शामिल हैं। यह टीम विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम ही नहीं बल्कि परीक्षा की रणनीति, समय प्रबंधन और सफलता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान करती है।

    पिछले सात वर्षों में पाठशाला क्लासेस ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हजारों विद्यार्थियों का चयन कराकर अपनी गुणवत्ता सिद्ध की है। विशेष रूप से सूचना सहायक (Informatics Assistant), कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर (Computer Instructor) और प्रोग्रामर (Programmer) जैसी तकनीकी परीक्षाओं में संस्थान का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। इन परीक्षाओं में बड़ी संख्या में चयन देकर पाठशाला क्लासेस ने राजस्थान में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

    इसके अलावा एलडीसी (LDC), पटवार, ग्राम विकास अधिकारी (VDO), राजस्थान पुलिस कांस्टेबल और लैब असिस्टेंट जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी संस्थान के विद्यार्थियों ने शानदार सफलता प्राप्त की है। इन उपलब्धियों ने पाठशाला क्लासेस को विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच एक विश्वसनीय नाम बना दिया है।

    डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में भी पाठशाला क्लासेस ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के आधिकारिक मोबाइल एप्लीकेशन पर आज 10 लाख (1 मिलियन) से अधिक पंजीकृत विद्यार्थी ऑनलाइन कोर्स, टेस्ट सीरीज, वीडियो लेक्चर और ई-नोट्स के माध्यम से अपनी तैयारी कर रहे हैं। इससे राजस्थान ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है।

    इसी प्रकार संस्थान का आधिकारिक यूट्यूब चैनल भी विद्यार्थियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है, जहां 5 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स जुड़े हुए हैं। चैनल पर नियमित रूप से निःशुल्क लाइव क्लासेस, परीक्षा विश्लेषण, मैराथन सेशन, करंट अफेयर्स और प्रेरणादायक मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी भी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के बेहतर तैयारी कर सकें।

    इंजीनियर संजय कुमार का मानना है कि सफलता केवल कठिन परिश्रम से नहीं बल्कि सही दिशा और सही मार्गदर्शन से प्राप्त होती है। यही सोच पाठशाला क्लासेस की शिक्षण प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता है। संस्थान विद्यार्थियों को केवल परीक्षा पास कराने तक सीमित नहीं रखता बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का भी विकास करता है।

    आज पाठशाला क्लासेस केवल एक कोचिंग संस्थान नहीं बल्कि लाखों विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने वाला एक मजबूत शैक्षणिक मंच बन चुका है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी फैकल्टी, आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और शानदार चयन परिणामों के दम पर यह संस्थान लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

    राजस्थान के प्रतियोगी शिक्षा जगत में इंजीनियर संजय कुमार और पाठशाला क्लासेस की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि शिक्षा को सेवा और समर्पण के साथ जोड़ा जाए तो लाखों युवाओं का भविष्य संवारा जा सकता है। आने वाले वर्षों में भी संस्थान का लक्ष्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को सरकारी सेवाओं तक पहुंचाकर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम करना है।

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