केंद्र सरकार ने मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंधित दवाओं में एंटीबायोटिक, पेट दर्द, मधुमेह और कुछ त्वचा संबंधी उत्पाद शामिल हैं। सरकार ने यह कार्रवाई ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत की है।
सरकार के अनुसार, विशेषज्ञ समिति, ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) और उसकी उप-समिति की समीक्षा में पाया गया कि इन दवा संयोजनों का कोई ठोस चिकित्सीय आधार नहीं है और इनके उपयोग के समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण भी उपलब्ध नहीं हैं।
2021 से चल रही थी समीक्षा प्रक्रिया
इन दवाओं की समीक्षा वर्ष 2021 में शुरू की गई थी। इस दौरान उपलब्ध वैज्ञानिक शोध, मेडिकल डेटा और क्लिनिकल रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण किया गया। दवा कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन विशेषज्ञ समिति उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई।
इसके बाद दिसंबर 2024 में उप-समिति ने इन सभी 16 दवा संयोजनों पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी।
किन दवाओं पर लगी रोक?
प्रतिबंधित दवाओं में कई लोकप्रिय एंटीबायोटिक और अन्य कॉम्बिनेशन दवाएं शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- Amoxicillin + Serratiopeptidase
- Amoxicillin + Serratiopeptidase + Lactobacillus Sporogenes
- Cefuroxime + Serratiopeptidase
- Cefadroxyl + Probenecid
- Dicyclomine + Paracetamol + Clidinium Bromide
- Gliclazide + Chromium Picolinate
जैसे दवा संयोजन शामिल हैं।
एंटीबायोटिक दवाओं पर सबसे ज्यादा सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि इन एंटीबायोटिक कॉम्बिनेशन में कुछ दवाओं को एक साथ देने से मरीजों को कोई अतिरिक्त चिकित्सीय लाभ नहीं मिलता। इसके बावजूद इनका व्यापक उपयोग किया जा रहा था, जिससे अनावश्यक जोखिम बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
डायबिटीज और पेट दर्द की दवाएं भी प्रतिबंधित
सरकार ने Gliclazide + Chromium Picolinate जैसे मधुमेह के इलाज में इस्तेमाल होने वाले कॉम्बिनेशन पर भी रोक लगा दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, Chromium Picolinate को डायबिटीज के उपचार में किसी मानक चिकित्सा गाइडलाइन में अनुशंसित नहीं किया गया है।
इसके अलावा Dicyclomine + Paracetamol + Clidinium Bromide जैसे पेट दर्द और ऐंठन के इलाज में उपयोग होने वाले कॉम्बिनेशन को भी प्रतिबंधित किया गया है।
मरीजों की सुरक्षा को बताया प्राथमिकता
सरकार का कहना है कि दवाओं का उपयोग केवल वैज्ञानिक प्रमाणों और चिकित्सीय आवश्यकता के आधार पर होना चाहिए। ऐसे दवा संयोजन जो मरीजों को अतिरिक्त लाभ नहीं देते और संभावित दुष्प्रभावों का खतरा बढ़ा सकते हैं, उन्हें बाजार में बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
क्या करें मरीज?
यदि आप इन दवाओं का उपयोग कर रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा अचानक बंद न करें। अपने चिकित्सक से संपर्क कर वैकल्पिक दवा के बारे में सलाह लें और केवल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन करें।
सरकार का यह फैसला देश में दवाओं के सुरक्षित, प्रभावी और तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








