NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर बिहार में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। पिछले वर्ष हुए पेपर लीक विवाद के बाद इस बार राज्य सरकार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल-मुक्त बनाने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। 21 जून को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में राज्य के 34 जिलों के 35 शहरों में बनाए गए 331 परीक्षा केंद्रों पर 1 लाख 56 हजार 61 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि परीक्षा की पवित्रता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। नकल, पेपर लीक, फर्जीवाड़ा या अफवाह फैलाने की किसी भी कोशिश पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।
331 केंद्रों पर देंगे 1.56 लाख से अधिक छात्र परीक्षा
बिहार के विभिन्न जिलों में कुल 331 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 1,56,061 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इनमें 81,165 छात्र और 74,896 छात्राएं शामिल हैं।
सबसे अधिक 95 परीक्षा केंद्र पटना जिले में बनाए गए हैं, जहां 46,029 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। वहीं पूर्णिया जिले में 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं।
CCTV, जैमर और बायोमेट्रिक से होगी निगरानी
परीक्षा केंद्रों पर आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सभी केंद्रों पर CCTV कैमरे, वीडियोग्राफी, जैमर और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था रहेगी।
अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड, वैध पहचान पत्र और बायोमेट्रिक मिलान के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, बैग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी विशेष नजर
पटना सहित कई जिलों में पुलिस ने परीक्षा से पहले होटल, लॉज और कोचिंग संस्थानों में विशेष जांच अभियान चलाया है। संचालकों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं मुजफ्फरपुर पुलिस ने NEET परीक्षा के नाम पर फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टेलीग्राम के जरिए छात्रों को झांसा देने वाले इस गिरोह के चार और सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
परीक्षार्थियों और अभिभावकों के लिए विशेष व्यवस्था
भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए छायादार प्रतीक्षा स्थल, पेयजल, ओआरएस, सत्तू और मेडिकल मोबाइल यूनिट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह अलर्ट रखा गया है।
मुफ्त बस और स्पेशल ट्रेनों की सुविधा
परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने मुफ्त बस सेवा की व्यवस्था की है। इसके अलावा भारतीय रेलवे ने छह विशेष परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है, जिससे पटना, दरभंगा, गया, बक्सर और अन्य प्रमुख रूटों से आने वाले छात्रों को सुविधा मिलेगी।
निर्धारित समय तक ही मिलेगा प्रवेश
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की एंट्री सुबह 11 बजे से शुरू होगी और दोपहर 1:30 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए जाएंगे। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होगी और शाम 5:15 बजे तक चलेगी।
इस दौरान साइबर सेल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 24 घंटे निगरानी रखेगी ताकि किसी भी तरह की अफवाह, फर्जी प्रश्नपत्र या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।








