पश्चिमबंग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की हवा में अब नई ताजगी और नई खुशबू महसूस हो रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि बंगाल बेड़ियों से आजाद हो चुका है और उसके गौरव की पुनर्वापसी का दौर शुरू हो गया है।
तारकेश्वर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि पश्चिम बंगाल अब नए भविष्य के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
“एक वोट ने बदल दी तस्वीर”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के गांव-गांव में लोगों के चेहरों पर खुशी और विश्वास दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जनता का एक वोट कितना बड़ा परिवर्तन ला सकता है, इसका उदाहरण आज पश्चिम बंगाल में साफ दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य अब विकास और सुशासन की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।
कई बड़ी परियोजनाओं की दी सौगात
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने किसानों और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 23वीं किस्त जारी करना, पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लागू करना, हावड़ा जिले में संकरैल-संतरागाछी लिंक लाइन परियोजना का लोकार्पण, 300 बेड वाले नए रेलवे अस्पताल की आधारशिला तथा पूर्व मेदिनीपुर में रोड ओवर ब्रिज परियोजना का शिलान्यास शामिल रहा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से किसानों, यात्रियों और आम जनता को बड़ा लाभ मिलेगा।
इतिहास का किया उल्लेख
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने विभाजन के समय पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय पूरे बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने की साजिश रची गई थी, लेकिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सहित अनेक राष्ट्रवादी नेताओं के संघर्ष के कारण पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहा।
उन्होंने कहा कि उस ऐतिहासिक संघर्ष को लंबे समय तक भुलाने की कोशिश की गई और राजनीतिक कारणों से इतिहास को दबाया गया।
कांग्रेस, वाम दल और टीएमसी पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस, वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन सरकारों ने पश्चिम बंगाल को विकास की दिशा देने के बजाय तुष्टिकरण और अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक राज्य में उद्योगों का पलायन हुआ, रोजगार के अवसर घटे और अवैध घुसपैठियों को संरक्षण मिला। उन्होंने कहा कि नई सरकार बनने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में बाड़ लगाने जैसे रुके हुए कार्यों को गति मिली है और औद्योगिक निवेश का माहौल तैयार हो रहा है।
“कटमनी खत्म, विकास शुरू”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब राज्य में कटमनी की राजनीति समाप्त हो रही है और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि अवैध वसूली करने वाले लोग भाग चुके हैं और जनता अब बिना किसी भय के अपना जीवन जी रही है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल अब रुकने वाला नहीं है और आने वाले समय में विकास का नया इतिहास रचेगा।
योग दिवस में शामिल होने की अपील
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 21 जून को वह स्वयं पश्चिम बंगाल में योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने राज्य के लोगों से बड़ी संख्या में योग कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि योग स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल से योग का जो संदेश दुनिया तक जाएगा, वह पूरे विश्व को प्रेरित करेगा।








