अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में चल रही उच्चस्तरीय वार्ता के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की संभावित कार्रवाई पर ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने ऐसा कदम उठाया तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि ईरान ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को बंद किया तो वह “अपना देश भी नहीं बचा पाएगा” और वहां तक लौटना भी उसके लिए मुश्किल हो जाएगा।
स्विट्जरलैंड में जारी है अमेरिका-ईरान वार्ता
दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इन दिनों स्विट्जरलैंड में तनाव कम करने और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को रोकने के उद्देश्य से बातचीत कर रहे हैं।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं, जबकि ईरान की ओर से मोहम्मद बाकर गालिबाफ वार्ता में शामिल हैं।
पहले दौर की बातचीत के बाद मध्यस्थ देशों पाकिस्तान और कतर ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि दोनों पक्षों ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में किसी भी प्रकार की गलतफहमी या टकराव से बचने के लिए एक विशेष संचार तंत्र (Communication Line) स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है।
ट्रंप की दो टूक चेतावनी
वार्ता जारी रहने के बावजूद ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपना सख्त रुख बरकरार रखा।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश की तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को लेबनान में सक्रिय हिज्बुल्लाह संगठन को रोकना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ऐसा नहीं करता तो अमेरिका पहले से भी अधिक कठोर सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
ईरान का पलटवार
ट्रंप की टिप्पणी के बाद ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका को अपने बयानों में संयम बरतना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और यदि आवश्यकता पड़ी तो उनका जवाब अलग और अधिक प्रभावी होगा।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य क्यों है महत्वपूर्ण?
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।
यदि यहां किसी प्रकार का सैन्य तनाव या आवाजाही में बाधा आती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल आ सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
इसी वजह से अमेरिका, खाड़ी देशों और वैश्विक व्यापार से जुड़े कई राष्ट्र इस जलमार्ग को हर हाल में खुला रखना चाहते हैं।
समुद्री सुरक्षा पर बनी सहमति
वार्ता के पहले चरण के बाद पाकिस्तान और कतर ने जानकारी दी कि दोनों देशों के बीच एक संचार व्यवस्था बनाई जाएगी ताकि समुद्री मार्ग में किसी भी प्रकार की गलतफहमी, सैन्य टकराव या दुर्घटना से बचा जा सके।
इस पहल का उद्देश्य हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और क्षेत्रीय तनाव को नियंत्रित करना है।
हालांकि वार्ता जारी है, लेकिन ट्रंप और ईरान की ओर से आए कड़े बयानों से साफ है कि कूटनीतिक बातचीत के साथ-साथ दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।








