उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को एक भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया। एक दुकान में लगी आग कुछ ही देर में ऊपर संचालित कोचिंग सेंटर तक पहुंच गई, जिससे वहां मौजूद छात्र-छात्राएं और अन्य लोग इमारत में फंस गए। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जान बचाने के लिए कई छात्र इमारत की छत और छज्जों से कूदने को मजबूर हो गए।
कुछ ही मिनटों में आग ने लिया विकराल रूप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी इमारत धुएं और आग की लपटों से घिर गई। दुकान में लगी आग ऊपर बने कोचिंग सेंटर तक पहुंची, जिससे वहां मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कई छात्रों को बाहर निकालने की कोशिश की और शुरुआती राहत कार्य शुरू किया।
फायर ब्रिगेड और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया और इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए व्यापक रेस्क्यू अभियान चलाया।
घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मौके पर पहुंचे डिप्टी CM, डीएम और वरिष्ठ अधिकारी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर, डीजी फायर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को तेजी से राहत कार्य पूरा करने और घायलों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रद्द किया दौरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए अपना निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही हादसे की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या दुकान में मौजूद ज्वलनशील सामग्री से आग फैलने की जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे और आग लगने के दौरान सुरक्षित निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर भवन की सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी उपकरणों और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों के सख्ती से पालन की आवश्यकता को उजागर करता है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।








