अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में जारी कूटनीतिक वार्ता के बीच सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिली। वैश्विक अनिश्चितता, डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं के भाव ऊंचे स्तर पर पहुंच गए।
MCX पर सोना करीब ₹1,400 (1 प्रतिशत) की तेजी के साथ ₹1,48,600 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में ₹4,500 (करीब 2 प्रतिशत) की बढ़ोतरी दर्ज की गई और इसका भाव करीब ₹2.38 लाख प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता रहा।
अमेरिका-ईरान वार्ता का दिखा असर
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत में युद्ध जैसी स्थिति को टालने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुला रखने को लेकर सकारात्मक प्रगति की खबरें सामने आई हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले दौर की बातचीत के बाद दोनों देशों ने 60 दिनों के रोडमैप पर सहमति जताई है। इस अवधि में दोनों देश होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा बंद न होने देने और भविष्य में किसी भी सैन्य टकराव से बचने के लिए आपसी समन्वय बढ़ाएंगे।
इन घटनाक्रमों के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने और चांदी की खरीद बढ़ा दी, जिससे दोनों धातुओं की कीमतों में तेज उछाल आया।
इन वजहों से भी बढ़े सोने-चांदी के दाम
सुरक्षित निवेश की बढ़ी मांग:
वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सोना और चांदी में निवेश बढ़ाया है। ऐसे समय में ये दोनों धातुएं सुरक्षित निवेश का सबसे पसंदीदा विकल्प मानी जाती हैं।
डॉलर इंडेक्स में कमजोरी:
अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना और चांदी अपेक्षाकृत सस्ते हो जाते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ती है और कीमतों को मजबूती मिलती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी:
वैश्विक स्पॉट मार्केट में भी सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। स्पॉट सिल्वर में करीब 2.4 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि सोने की कीमतों में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
आगे क्या रहेगा रुख?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान वार्ता के अगले चरण, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगी।
यदि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहती है तो कीमती धातुओं में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं निवेशकों की नजर अब अमेरिका-ईरान वार्ता के अगले दौर और अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों पर बनी हुई है।








