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  • NEET विवाद पर राहुल गांधी पर भड़के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान: “छात्रों में डर फैलाकर अराजकता पैदा करना चाहते हैं”

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    NEET-UG परीक्षा विवाद को लेकर केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे छात्रों के मन में डर पैदा कर रहे हैं और देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं।

    एक विशेष बातचीत में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन छात्रों के भविष्य को राजनीति का माध्यम बनाना पूरी तरह गलत है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने NEET पुनर्परीक्षा को भी असफल होते देखने की कोशिश की।

    “राहुल गांधी ने परीक्षा से पहले छात्रों को डराया”

    शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि NEET पुनर्परीक्षा से ठीक पहले राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा में छात्रों के बीच कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें परीक्षा व्यवस्था को लेकर भयभीत किया।

    प्रधान ने कहा कि परीक्षा से कुछ दिन पहले इस तरह के बयान और कार्यक्रम छात्रों की तैयारी को प्रभावित करते हैं। उनके अनुसार, यह विपक्ष की जिम्मेदार राजनीति नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल आरोप लगाने की राजनीति कर रही है, जबकि सरकार लगातार परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है।

    “कांग्रेस चाहती थी कि पुनर्परीक्षा भी असफल हो”

    धर्मेंद्र प्रधान ने दावा किया कि 21 जून को आयोजित NEET पुनर्परीक्षा को लेकर भी कांग्रेस का रवैया सकारात्मक नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चाहता था कि पुनर्परीक्षा भी विवादों में घिर जाए ताकि सरकार को राजनीतिक नुकसान पहुंचाया जा सके।

    उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए और परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को राजनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।

    छात्र आत्महत्याओं पर भी दिया जवाब

    हाल के महीनों में NEET विवाद के बीच कई छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि हर छात्र की मौत उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुख पहुंचाती है।

    उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री होने के नाते जब भी किसी छात्र की आत्महत्या की खबर आती है तो उन्हें बेहद पीड़ा होती है और व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी भी महसूस होती है।

    हालांकि उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि छात्र आत्महत्याओं जैसे गंभीर विषय का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील है।

    “सिर्फ आरोप, कोई समाधान नहीं”

    धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार सरकार पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अब तक कोई ठोस सुझाव नहीं दिया है।

    उनका कहना था कि सरकार आलोचना का स्वागत करती है, लेकिन आलोचना के साथ समाधान भी होना चाहिए। केवल आरोप लगाकर छात्रों में भ्रम फैलाना उचित नहीं है।

    अबू धाबी परीक्षा केंद्र विवाद पर भी बोले

    हाल ही में एक छात्र को NEET परीक्षा केंद्र अबू धाबी आवंटित किए जाने का मामला भी काफी चर्चा में रहा। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि संबंधित छात्र के पिता ने स्वयं अबू धाबी केंद्र की मांग की थी।

    उन्होंने बताया कि जैसे ही मामला सामने आया, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने कुछ ही घंटों में परीक्षा केंद्र बदलकर नागपुर कर दिया था।

    प्रधान ने आरोप लगाया कि पूरी जानकारी सामने आने के बावजूद राहुल गांधी ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। उनके अनुसार, बाद में NTA के तथ्य सामने आने के बाद कांग्रेस के आरोप टिक नहीं पाए।

    कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर

    NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रही है। राहुल गांधी ने हाल ही में कोटा में छात्रों से मुलाकात कर आरोप लगाया था कि देश की परीक्षा प्रणाली भ्रष्टाचार से प्रभावित हो चुकी है और लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।

    कांग्रेस ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की है।

    सरकार ने विपक्ष के आरोपों को बताया राजनीतिक

    धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जहां-जहां भी किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आई, सरकार ने तत्काल कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सुधार किए जा रहे हैं।

    उन्होंने अंत में कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए। सरकार की प्राथमिकता निष्पक्ष परीक्षा, पारदर्शी व्यवस्था और विद्यार्थियों का विश्वास बनाए रखना है, जबकि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।

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