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  • केतन अग्रवाल मर्डर केस: 33°C की गर्मी में हुडी, 238 घंटे की कॉल और ‘सांप’ का झूठ… सिया-चेतन की 5 गलतियों ने खोली हत्या की पूरी साजिश

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    पुणे के चर्चित कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। 18 जून को लोनावला के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले की गहरी खाई में गिरकर हुई केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक सामान्य ट्रैकिंग हादसा माना गया था। लेकिन पुणे ग्रामीण पुलिस, लोनावला ग्रामीण पुलिस और लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) की संयुक्त जांच ने इस पूरे मामले को एक सुनियोजित हत्या की साजिश साबित कर दिया।

    पुलिस के अनुसार, केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर इस हत्या की योजना बनाई थी। दोनों ने अपराध को दुर्घटना का रूप देने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी पांच बड़ी गलतियां ही उनके खिलाफ सबसे मजबूत सबूत बन गईं।

    1. 33 डिग्री तापमान में हुडी पहनना बना सबसे बड़ा सुराग

    पूरे मामले की पहली अहम कड़ी लोहागढ़ किले के प्रवेश द्वार पर लगे सीसीटीवी कैमरों से मिली।

    फुटेज में पुलिस ने देखा कि केतन और सिया के पीछे कुछ दूरी पर एक युवक लगातार उनका पीछा कर रहा था। सबसे हैरानी की बात यह थी कि उस दिन तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन युवक ने मोटी हुडी पहन रखी थी। उसने चेहरा पूरी तरह ढका हुआ था और कानों में हेडफोन लगाए हुए था।

    एक अन्य फुटेज में जैसे ही सिया पीछे मुड़कर देखती है, वह युवक अचानक नीचे बैठने की कोशिश करता दिखाई देता है। पुलिस को उसकी गतिविधियां बेहद संदिग्ध लगीं। बाद में यही युवक चेतन चौधरी निकला।

    2. 15 दिनों में चार बार लोहागढ़ ले जाने की जिद

    जांच के दौरान केतन के परिवार ने पुलिस को बताया कि सगाई के बाद सिया लगातार केतन को लोहागढ़ किला ले जाने की जिद कर रही थी।

    पुलिस जांच में सामने आया कि—

    • 31 मई को दोनों पहली बार किले गए।
    • 4 जून को दोबारा जाने की योजना बनी, लेकिन केतन की मां ने मना कर दिया।
    • 14 जून को सिया फिर केतन को लेकर किले पहुंची। यहां उसने कथित रूप से उसे धक्का देने की कोशिश की, लेकिन केतन झाड़ियों का सहारा लेकर बच गया। जब उसने सवाल किया तो सिया ने वहां सांप होने का बहाना बनाकर खुद को बचा लिया।
    • 18 जून को चौथी बार दोनों किले पहुंचे और इसी दिन हत्या को अंजाम दिया गया।

    बार-बार एक ही स्थान पर ले जाने की कोशिश ने पुलिस का शक और मजबूत कर दिया।

    3. बाली ट्रिप से पहले पासपोर्ट का रहस्यमय तरीके से गायब होना

    पुलिस को जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य मिला।

    केतन और सिया का प्री-वेडिंग फोटोशूट इंडोनेशिया के बाली में होना था। लेकिन यात्रा से ठीक पहले केतन का पासपोर्ट रहस्यमय तरीके से गायब हो गया, जिसके कारण उसे एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा।

    पुलिस को आशंका है कि पासपोर्ट गायब कराने के पीछे भी सिया की भूमिका हो सकती है, ताकि केतन भारत में ही रहे और उसकी हत्या की योजना को अंजाम दिया जा सके।

    दोनों परिवारों के बीच नवंबर में उदयपुर के एक भव्य पैलेस में शादी की तैयारी चल रही थी और इसके लिए बड़े स्तर पर आयोजन की योजना बनाई गई थी।

    4. 2,004 कॉल और 238 घंटे की बातचीत ने खोला राज

    घटना के बाद जब सिया शोक व्यक्त करने के लिए केतन के घर पहुंची, तब उसकी बातों में कई विरोधाभास दिखाई दिए।

    केतन की बहन ने पुलिस को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद जांच का रुख पूरी तरह बदल गया।

    डिजिटल फॉरेंसिक जांच में पता चला कि सिया और चेतन पिछले तीन वर्षों से रिश्ते में थे।

    सिर्फ इस साल जनवरी से जून के बीच—

    • दोनों के बीच 2,004 फोन कॉल और वीडियो कॉल हुईं।
    • दोनों ने लगभग 238 घंटे तक बातचीत की।
    • हत्या से ठीक पहले 16 और 17 जून की रात दोनों लगातार वीडियो कॉल पर संपर्क में थे।

    पुलिस का मानना है कि इन्हीं बातचीतों के दौरान हत्या की अंतिम योजना तैयार की गई।

    5. इंटरनेट बंद कर लोकेशन छिपाने की कोशिश भी हुई नाकाम

    हत्या वाले दिन चेतन ने पुलिस से बचने के लिए अपना मोबाइल फोन दुकान पर छोड़ दिया था।

    सुबह से शाम तक उसने अपने फोन का इंटरनेट भी बंद रखा ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। वह अपने कर्मचारी का मोबाइल लेकर लोहागढ़ पहुंचा।

    लेकिन पुलिस ने कर्मचारी के मोबाइल की लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और चेतन की सोशल मीडिया तस्वीरों का मिलान किया। इससे यह साबित हो गया कि हुडी पहनकर पीछा करने वाला व्यक्ति वही था।

    यही तकनीकी जांच आरोपियों के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बनी।

    क्यों चुना हत्या का रास्ता?

    पुलिस पूछताछ में चेतन ने कथित रूप से बताया कि दोनों भागकर शादी करने या सगाई तोड़ने के बजाय हत्या का रास्ता इसलिए चुनना चाहते थे क्योंकि सिया को डर था कि ऐसा करने से उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा खराब होगी।

    पुलिस के अनुसार, 18 जून को जब केतन और सिया लोहागढ़ किले के एक सुनसान हिस्से में पहुंचे, तब पहले से वहां मौजूद चेतन ने पीछे से हमला किया और केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया।

    पुलिस रिमांड में दोनों आरोपी

    पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को 29 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

    जांच एजेंसियां अब इस मामले से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य परिस्थितिजन्य सबूतों की विस्तृत जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या की साजिश से जुड़े हर पहलू का खुलासा किया जाएगा और मामले में आगे भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

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