पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वायरल वीडियो विवाद में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक मोड़ सामने आया। आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री के नाम पर वायरल किया गया कथित आपत्तिजनक वीडियो एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि वीडियो तैयार करने के लिए भगवंत मान जैसा दिखने वाला मास्क इस्तेमाल किया गया।
AAP ने जारी किया नया वीडियो
AAP द्वारा जारी वीडियो में एक व्यक्ति कार के अंदर बैठा दिखाई दे रहा है, जिसके हाथ में भगवंत मान के चेहरे जैसा दिखने वाला मास्क नजर आ रहा है। पार्टी का दावा है कि इसी मास्क का उपयोग कर मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की कोशिश की गई।
पार्टी ने इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर मुख्यमंत्री को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भगवंत मान का बड़ा दावा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति जगमन समरा है, जिसके पास उनके चेहरे जैसा मास्क मौजूद था।
मान ने दावा किया कि इसी व्यक्ति ने अरविंद केजरीवाल का भी मास्क तैयार कराया था। उन्होंने कहा कि जगमन समरा फिलहाल कनाडा में रहता है, जबकि वह स्वयं वर्ष 2016 के बाद कभी कनाडा नहीं गए। ऐसे में उनके नाम पर वीडियो तैयार कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि आखिर यह मास्क कहां तैयार कराया गया और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
“राजनीतिक रूप से मुकाबला नहीं कर पा रहे”
भगवंत मान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक स्तर पर मुकाबला न कर पाने के कारण अब उनके खिलाफ झूठे प्रचार और दुष्प्रचार का सहारा लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है, इसलिए विपक्ष उनकी धार्मिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं।
फोरेंसिक जांच कराने की चुनौती
भगवंत मान ने कहा कि यदि किसी को संदेह है तो वायरल वीडियो की किसी भी स्वतंत्र एजेंसी या फोरेंसिक लैब से जांच कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
BJP ने की गिरफ्तारी की मांग
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि पंजाब पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने कथित तौर पर 10 लाख रुपये देकर फोरेंसिक रिपोर्ट को प्रभावित करने की कोशिश की, ताकि वायरल वीडियो को फर्जी घोषित किया जा सके। इसी आधार पर भाजपा ने मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
अकाल तख्त भी कर चुका है कार्रवाई
यह विवाद उस समय और बढ़ गया था जब सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने वायरल वीडियो को लेकर भगवंत मान के खिलाफ कड़ी नाराजगी व्यक्त की थी।
अकाल तख्त ने हाल ही में इस मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान को “एंटी-सिख” घोषित किया था। संस्था का आरोप था कि वायरल वीडियो में सिख गुरुओं के प्रति अनादर दिखाई देता है।
जांच पर टिकी सबकी नजर
अब AAP द्वारा नया वीडियो जारी किए जाने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जहां आम आदमी पार्टी इसे मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश बता रही है, वहीं विपक्ष सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहा है।
फिलहाल इस पूरे विवाद में वायरल वीडियो की सत्यता, मास्क वाले व्यक्ति की भूमिका और फोरेंसिक जांच के निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।








