भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। हालांकि, कारोबार के दूसरे हिस्से में मुनाफावसूली के चलते शुरुआती बढ़त काफी हद तक सीमित हो गई।
बीएसई सेंसेक्स 109.25 अंकों यानी 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,100.47 पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही और सेंसेक्स एक समय 811.96 अंकों की तेजी के साथ 77,803.18 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया था। लेकिन दिन के दूसरे हिस्से में चुनिंदा सेक्टरों में बिकवाली बढ़ने से अधिकांश बढ़त कम हो गई।
वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 34.35 अंकों यानी 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,056 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 24,261.60 का उच्चतम और 24,039 का न्यूनतम स्तर छुआ।
इंडिगो सबसे बड़ी बढ़त वाला शेयर
सेंसेक्स की कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) का शेयर सबसे अधिक 4.82 प्रतिशत चढ़ा। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
दूसरी ओर पावर ग्रिड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और भारती एयरटेल के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
ऑटो सेक्टर में रही मजबूती
दिनभर के कारोबार में ऑटो सेक्टर के शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। धातुओं की कीमतों में नरमी और खुदरा मांग में सुधार की उम्मीदों ने ऑटो कंपनियों के शेयरों को समर्थन दिया। हालांकि आईटी और मेटल सेक्टर में मुनाफावसूली के कारण बाजार की बढ़त सीमित रही।
कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को मिला सहारा
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट निवेशकों के लिए राहत लेकर आई। इससे महंगाई के दबाव में कमी आने की उम्मीद बढ़ी और रुपये को भी मजबूती मिलने की संभावना बनी।
ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.26 प्रतिशत गिरकर 72.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जिससे बाजार का सेंटीमेंट सकारात्मक बना रहा।
वैश्विक बाजारों का भी मिला साथ
एशियाई बाजारों में भी शानदार तेजी देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.42 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 4.61 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में भी सकारात्मक कारोबार देखने को मिला, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली
एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार में 1,843.40 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी। इसके बावजूद घरेलू निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक सकारात्मक संकेतों ने बाजार को संभाले रखा।
अब निवेशकों की नजर अगले सप्ताह
शुक्रवार को मुहर्रम के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार बंद रहेगा। ऐसे में अब निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सप्ताह में वैश्विक आर्थिक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं और वैश्विक बाजारों का रुख सकारात्मक बना रहता है, तो भारतीय बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।








