पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के जनाजे में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े नेताओं की कथित मौजूदगी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में लश्कर के राजनीतिक विंग पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) के कई वरिष्ठ पदाधिकारी जनाजे की नमाज में शामिल होते दिखाई दे रहे हैं।
इस घटना के बाद एक बार फिर पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को संरक्षण देने के आरोप तेज हो गए हैं। भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान पर आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध कराने का आरोप लगाता रहा है।
जनाजे में पहुंचे लश्कर के राजनीतिक विंग के नेता
रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद अख्तर के अंतिम संस्कार में 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के करीबी सहयोगियों समेत लश्कर-ए-तैयबा के राजनीतिक संगठन पीएमएमएल के कई पदाधिकारी मौजूद थे।
सामने आए वीडियो और तस्वीरों में जिन लोगों की मौजूदगी बताई गई है, उनमें शामिल हैं—
- पीएमएमएल इस्लामाबाद प्रमुख इनाम-उर-रहमान कम्बोह
- संगठन के उप महासचिव अब्दुल्ला तूर
- जोनल महासचिव हाफिज उमर
- खिदमत कमेटी के अध्यक्ष अमजद भट्टी
- संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता
वीडियो में ये सभी जनाजे की नमाज के दौरान अन्य लोगों के साथ कतार में खड़े होकर दुआ करते दिखाई दे रहे हैं।
तीन दिन पहले हुआ था निधन
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का तीन दिन पहले हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया था।
भाई के निधन की जानकारी खुद शोएब अख्तर ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा था कि उनके बड़े भाई अल्लाह को प्यारे हो गए हैं और जनाजे की नमाज का समय बाद में बताया जाएगा।
हालांकि, जनाजे में लश्कर से जुड़े लोगों की मौजूदगी पर शोएब अख्तर की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वीडियो के बाद उठे सवाल
जनाजे में प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े लोगों की कथित मौजूदगी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी सार्वजनिक हस्ती के पारिवारिक कार्यक्रम में ऐसे लोगों की खुली मौजूदगी पाकिस्तान में आतंकवादी नेटवर्क की सक्रियता और सामाजिक स्वीकार्यता को लेकर चिंताएं बढ़ाती है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन लोगों को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया था या वे स्वयं जनाजे में पहुंचे थे।
भारत पहले भी उठा चुका है मुद्दा
भारत लगातार पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को संरक्षण देने और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाता रहा है।
मुंबई 26/11 हमला, पठानकोट, उरी, पुलवामा और हाल के वर्षों में हुए कई आतंकी हमलों के बाद भारत ने संयुक्त राष्ट्र समेत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
भारत का कहना रहा है कि पाकिस्तान में कई प्रतिबंधित आतंकी संगठन नए नामों और राजनीतिक संगठनों के माध्यम से सक्रिय बने हुए हैं।
पीएमएमएल पर पहले भी लगे हैं आरोप
पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) को कई सुरक्षा विशेषज्ञ लश्कर-ए-तैयबा का राजनीतिक मुखौटा मानते हैं। संगठन पर आरोप है कि वह सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों की आड़ में लश्कर के नेटवर्क को बनाए रखने का काम करता है।
हालांकि, पाकिस्तान में इस संगठन ने खुद को एक वैध राजनीतिक दल के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ सकती है चर्चा
जनाजे में कथित रूप से लश्कर से जुड़े नेताओं की मौजूदगी का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसे प्रतिबंधित संगठनों के नेताओं की सार्वजनिक कार्यक्रमों में लगातार मौजूदगी सामने आती रही, तो पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता साबित करने का दबाव और बढ़ सकता है।








