महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हाल ही में हुई विमान यात्रा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि दोनों नेताओं के बीच विमान में “हाई लेवल” चर्चा हुई, जिसका विवरण आने वाले दिनों में सामने आएगा।
उद्धव ठाकरे का यह बयान ऐसे समय आया है जब वे शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हुए बागी सांसदों के संसदीय क्षेत्रों के दौरे पर निकले हैं। राजनीतिक गलियारों में उनके इस बयान के बाद संभावित नई राजनीतिक हलचल को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
पहली बार बागी सांसद के क्षेत्र में पहुंचे उद्धव ठाकरे
शिवसेना (उद्धव गुट) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बाद उद्धव ठाकरे ने उनके संसदीय क्षेत्रों का दौरा शुरू किया है। शनिवार को उन्होंने वाशिम-यवतमाल लोकसभा क्षेत्र का दौरा किया, जहां से सांसद संजय देशमुख शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं।
इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और पत्रकारों से बातचीत करते हुए कई राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।
विमान यात्रा को लेकर दिया बड़ा संकेत
पत्रकारों ने जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ एक ही विमान से नागपुर जाने और दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के बारे में सवाल पूछा तो उद्धव ठाकरे ने रहस्यमयी अंदाज में जवाब दिया।
उन्होंने कहा,
“मुख्यमंत्री के साथ विमान में हमारी हाई लेवल चर्चा हुई है। जो भी बात हुई है, उसका पूरा विवरण आने वाले कुछ दिनों में सामने आ जाएगा।”
हालांकि उन्होंने बातचीत का विषय बताने से इनकार कर दिया, लेकिन उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
संजय दिना पाटील पर साधा निशाना
उद्धव ठाकरे ने इस दौरान सांसद संजय दिना पाटील पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा और व्यवहार की एक मर्यादा होती है, जिसे कुछ लोग लगातार तोड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है और सार्वजनिक प्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र की पहचान सभ्यता और संवाद की रही है, न कि गाली-गलौज की राजनीति की।
बागी सांसदों से माफी मांगने निकले हैं
उद्धव ठाकरे ने कहा कि वे उन क्षेत्रों में जाकर जनता से मिलेंगे, जहां उनके पुराने साथी पार्टी छोड़कर दूसरे गुट में चले गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन सांसदों को जनता ने शिवसेना और पार्टी प्रमुख के नाम पर वोट देकर जिताया, वे बाद में दल बदलकर चले गए। ऐसे में वे मतदाताओं से मिलने और उनका विश्वास दोबारा जीतने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि वे शिवसैनिकों से संवाद करेंगे और जनता से यह भी कहेंगे कि उन्होंने जिन लोगों पर भरोसा किया था, उन्होंने उसी भरोसे को तोड़ा है।
फंड को लेकर बागी सांसदों पर हमला
उद्धव ठाकरे ने बागी सांसदों के उस आरोप का भी जवाब दिया जिसमें उन्होंने विकास निधि नहीं मिलने की बात कही थी।
उन्होंने कहा कि अब वही लोग संसाधनों और फंड की बात कर रहे हैं, जबकि दल बदलने के पीछे असली कारण कुछ और था।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले “50 खोके” की चर्चा होती थी, अब लोग खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि सांसदों को कितना “हमी भाव” मिला होगा।
उन्होंने कहा कि जब ये सांसद चुनाव लड़ रहे थे, तब पार्टी और शिवसेना प्रमुख के नाम पर ही जनता ने उन्हें चुना था। चुनाव प्रचार के दौरान वे खुद मैदान में उतरे थे और उन्हीं के भरोसे ये उम्मीदवार जीतकर संसद पहुंचे।
किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
उद्धव ठाकरे ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा, लेकिन सत्ता में शामिल लोगों को हर तरह का “हमी भाव” मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है, जबकि सरकार का ध्यान राजनीतिक जोड़-तोड़ पर अधिक दिखाई देता है।
राजनीतिक हलचल के संकेत
उद्धव ठाकरे के “हाई लेवल चर्चा” वाले बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि उन्होंने बातचीत का कोई विवरण साझा नहीं किया, लेकिन उनके इस संकेत के बाद राजनीतिक विश्लेषक आने वाले दिनों में किसी बड़े घटनाक्रम की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं।
फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को लेकर अब राजनीतिक हलकों की नजर आने वाले दिनों पर टिकी हुई है।








