इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने फुटबॉल इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। 2025-26 सीजन में 70 गोल पूरे करते हुए उन्होंने पुर्तगाल के दिग्गज क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया है। अब 21वीं सदी में एक सीजन में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में केन से आगे सिर्फ अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी हैं।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि केन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में पनामा के खिलाफ गोल दागकर हासिल की।
मेसी के बाद दूसरे स्थान पर पहुंचे केन
2025-26 सीजन में हैरी केन के नाम अब कुल 70 गोल दर्ज हो चुके हैं।
21वीं सदी में एक सीजन में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है—
- लियोनेल मेसी – 82 गोल (2011-12)
- हैरी केन – 70 गोल (2025-26)
- लियोनेल मेसी – 69 गोल (2012-13)
- क्रिस्टियानो रोनाल्डो – 69 गोल (2011-12)
- क्रिस्टियानो रोनाल्डो – 66 गोल (2014-15)
केन का यह प्रदर्शन उन्हें आधुनिक फुटबॉल के सबसे सफल गोल स्कोररों की श्रेणी में खड़ा करता है।
पनामा के खिलाफ बनाया रिकॉर्ड
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड ने अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में पनामा को 2-0 से हराया।
पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन 62वें मिनट में जूड बेलिंघम ने गोल कर इंग्लैंड को बढ़त दिलाई।
इसके सिर्फ छह मिनट बाद बेलिंघम के शानदार क्रॉस पर हैरी केन ने दमदार हेडर लगाकर टीम की बढ़त दोगुनी कर दी। यही गोल उनके सीजन का 70वां गोल साबित हुआ।
वर्ल्ड कप में भी बनाया नया इतिहास
पनामा के खिलाफ किया गया गोल हैरी केन के लिए कई मायनों में खास रहा।
इस गोल के साथ उनके नाम फीफा वर्ल्ड कप में 11 गोल हो गए और वह इंग्लैंड के लिए विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए।
उन्होंने इस मामले में महान स्ट्राइकर गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिनके नाम 10 गोल थे।
इसके अलावा अब बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों (विश्व कप और यूरो) में इंग्लैंड के लिए केन के 18 गोल हो चुके हैं।
इंग्लैंड ने ग्रुप में किया टॉप
थॉमस ट्यूशेल की कोचिंग में इंग्लैंड ने लगातार दूसरी बार विश्व कप के ग्रुप चरण में शीर्ष स्थान हासिल किया।
इंग्लैंड का प्रदर्शन—
- क्रोएशिया को 4-2 से हराया
- घाना के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ
- पनामा को 2-0 से हराया
सात अंकों के साथ इंग्लैंड ग्रुप एल में पहले स्थान पर रहा। उसके साथ क्रोएशिया और घाना भी नॉकआउट चरण में पहुंचने में सफल रहे, जबकि पनामा तीनों मैच हारकर बिना कोई गोल किए टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
हैरी केन की शानदार फॉर्म ने इंग्लैंड को मजबूती दी है और टीम अब नॉकआउट चरण में खिताब की प्रबल दावेदारों में गिनी जा रही है। वहीं व्यक्तिगत स्तर पर केन ने साबित कर दिया है कि वह मौजूदा दौर के सबसे घातक स्ट्राइकरों में शामिल हैं।








