फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट मुकाबलों के बीच अमेरिका की टीम को बड़ा झटका लगा है। स्टार स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को बोस्निया एंड हर्जेगोविना के खिलाफ राउंड ऑफ-32 मुकाबले में रेड कार्ड दिखाया गया, जिसके चलते वह अब बेल्जियम के खिलाफ होने वाले राउंड ऑफ-16 मैच में नहीं खेल पाएंगे। सबसे अहम बात यह है कि फीफा के नियमों के तहत अमेरिका इस रेड कार्ड के खिलाफ कोई अपील भी नहीं कर सकता।
VAR के बाद बदला रेफरी का फैसला
बोस्निया एंड हर्जेगोविना के खिलाड़ी तारिक मुहरेमोविच पर की गई चुनौती के बाद रेफरी ने शुरुआत में रेड कार्ड नहीं दिखाया था। हालांकि, वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की सलाह पर पिचसाइड मॉनिटर देखने के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया और बालोगुन को सीधे रेड कार्ड दिखा दिया।
हालांकि अमेरिका 10 खिलाड़ियों के साथ भी मुकाबला जीतकर अगले दौर में पहुंच गया, लेकिन अपने शीर्ष स्कोरर की गैरमौजूदगी टीम के लिए चिंता का विषय बन गई है।
क्यों नहीं कर सकता अमेरिका अपील?
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के टूर्नामेंट नियमों के अनुसार किसी खिलाड़ी को मिले रेड कार्ड के खिलाफ अपील करने का विकल्प उपलब्ध नहीं है।
फीफा के अनुच्छेद 66.4 के अनुसार:
- रेड कार्ड मिलने पर खिलाड़ी अगले मैच के लिए स्वतः निलंबित हो जाता है।
- फीफा की अनुशासन समिति जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मैचों का प्रतिबंध भी लगा सकती है।
- टूर्नामेंट के दौरान रेड कार्ड के फैसले को चुनौती देने का कोई प्रावधान नहीं है।
यानी अमेरिका चाहे रेफरी के फैसले से असहमत हो, लेकिन वह इस सस्पेंशन को रद्द नहीं करा सकता।
बेल्जियम के खिलाफ नहीं खेलेंगे बालोगुन
रेड कार्ड मिलने के बाद फोलारिन बालोगुन पर कम से कम एक मैच का प्रतिबंध तय हो गया है। ऐसे में वह बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले से बाहर रहेंगे।
यदि फीफा की अनुशासन समिति चाहे तो उनके निलंबन को एक से अधिक मैचों तक भी बढ़ाया जा सकता है।
अमेरिका के कोच ने जताई नाराजगी
अमेरिका के मुख्य कोच मॉरिसियो पोचेटिनो ने रेफरी के फैसले को बेहद कठोर बताया।
उन्होंने कहा,
“यह कभी भी रेड कार्ड नहीं था। खिलाड़ी की किसी को चोट पहुंचाने की मंशा नहीं थी। वह सिर्फ गेंद के लिए संघर्ष कर रहा था और उसका पैर वहीं आकर गिरा।”
खिलाड़ियों ने भी फैसले पर उठाए सवाल
अमेरिकी मिडफील्डर वेस्टन मैककेनी ने फीफा के नियमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपील का विकल्प न होना पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने कहा,
“यह फैसला काफी विवादित है। पूरे टूर्नामेंट में ऐसे कई टैकल हुए हैं, जिन पर कार्ड तक नहीं दिया गया। ऐसे में अपील की सुविधा नहीं होना समझ से परे है।”
वहीं टीम के स्टार खिलाड़ी क्रिश्चियन पुलिसिक ने भी माना कि बालोगुन को रेड कार्ड नहीं मिलना चाहिए था।
अमेरिका ने 10 खिलाड़ियों के साथ दर्ज की जीत
रेड कार्ड के बावजूद अमेरिका ने शानदार जुझारूपन दिखाया। टीम ने एक और गोल किया और मुकाबला जीतकर राउंड ऑफ-16 में जगह बनाई।
पुलिसिक ने कहा,
“हमने साबित किया कि हमारी टीम कितनी मजबूत है। रेड कार्ड के बाद भी हमने शानदार खेल दिखाया और जीत हासिल की।”
फीफा नियमों पर फिर छिड़ी बहस
बालोगुन के रेड कार्ड के बाद एक बार फिर फीफा के अनुशासन नियमों पर बहस तेज हो गई है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि VAR युग में कम से कम स्पष्ट विवादित फैसलों पर अपील की व्यवस्था होनी चाहिए।
फिलहाल फीफा अपने मौजूदा नियमों पर कायम है और अमेरिका को अब अपने स्टार स्ट्राइकर के बिना बेल्जियम के खिलाफ मैदान में उतरना होगा।








