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  • हनीमून मर्डर केस में सोनम रघुवंशी को राहत बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल नहीं रद्द की जमानत

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    मेघालय के चर्चित हनीमून मर्डर केस में आरोपी सोनम रघुवंशी को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने मेघालय हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को तत्काल रद्द करने से इनकार कर दिया। हालांकि अदालत ने साफ किया कि वह मामले की सुनवाई और ट्रायल की प्रगति पर नजर रखेगी।

    सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि चूंकि सोनम रघुवंशी पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं, इसलिए फिलहाल उनकी जमानत रद्द नहीं की जाएगी। अदालत ने सोनम को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 9 जुलाई को तय की है।

    पिछले साल हनीमून के दौरान हुई थी राजा रघुवंशी की हत्या

    मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी सोनम रघुवंशी को जून 2025 में अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। शादी के बाद दोनों हनीमून मनाने मेघालय गए थे, जहां 23 मई को दोनों रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे।

    करीब नौ दिन बाद राजा रघुवंशी का शव सोहरा इलाके की एक गहरी खाई से बरामद हुआ था। इस सनसनीखेज मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था।

    ट्रायल कोर्ट ने तकनीकी आधार पर दी थी जमानत

    शिलांग की ट्रायल कोर्ट ने 27 अप्रैल 2026 को सोनम रघुवंशी को जमानत देते हुए कहा था कि गिरफ्तारी के समय जांच एजेंसी ने कानूनी प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया।

    अदालत ने पाया कि गिरफ्तारी से जुड़े सभी दस्तावेजों में हत्या से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) की जगह गलती से धारा 403(1) दर्ज कर दी गई थी। कोर्ट ने माना कि यह केवल टाइपिंग की साधारण गलती नहीं बल्कि गंभीर प्रक्रिया संबंधी त्रुटि है।

    अदालत के अनुसार, गिरफ्तारी के समय सोनम को यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया कि उन्हें हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया जा रहा है।

    हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा था फैसला

    मेघालय सरकार ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और इसे महज टाइपोग्राफिकल गलती बताया था। लेकिन हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की दलील को स्वीकार नहीं किया।

    हाईकोर्ट ने कहा कि एक ही गलती कई आधिकारिक दस्तावेजों में दोहराई गई, जिससे स्पष्ट होता है कि दस्तावेज बिना पर्याप्त कानूनी सावधानी के तैयार किए गए थे।

    अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि कुछ दस्तावेजों में ऐसे विवरण शामिल थे, जिनका इस मामले से कोई संबंध ही नहीं था। इससे जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

    सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल दी राहत

    हाईकोर्ट के फैसले के बाद मेघालय सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी और जमानत रद्द करने की मांग की थी।

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शुरुआती टिप्पणी में जमानत रद्द करने के संकेत दिए थे, लेकिन बाद में अदालत ने अपना रुख बदलते हुए कहा कि पहले ट्रायल की प्रगति देखी जाएगी।

    कोर्ट ने फिलहाल सोनम की जमानत बरकरार रखते हुए मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई 2026 को निर्धारित की है।

    मामले पर बनी रहेगी अदालत की नजर

    सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल सोनम रघुवंशी को राहत मिली है, लेकिन उनकी कानूनी मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि ट्रायल की प्रगति और मामले के तथ्यों के आधार पर आगे आवश्यक आदेश दिए जाएंगे।

    देशभर में चर्चित इस हनीमून मर्डर केस पर अब सभी की नजरें 9 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

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