
करण दासोत का मानना है कि किसी भी फसल की असली ताकत खेत की मिट्टी में होती है। यदि मिट्टी स्वस्थ होगी तो फसल भी मजबूत होगी, किसान समृद्ध होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। इसी विचार ने 19 Agro की नींव रखी।
मिट्टी की समस्या को समझकर शुरू किया नया अभियान
कृषि क्षेत्र से जुड़े रहने के कारण करण दासोत ने किसानों की वास्तविक समस्याओं को बहुत करीब से देखा। उन्होंने महसूस किया कि किसान हर वर्ष अधिक मात्रा में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही और खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है।
गहराई से अध्ययन करने पर उन्हें समझ आया कि समस्या फसलों में नहीं, बल्कि मिट्टी की बिगड़ती सेहत में है। वर्षों तक रासायनिक खेती के कारण मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट हो रहे थे, जिससे उसकी प्राकृतिक उर्वरता लगातार कम होती जा रही थी। यही वह विचार था जिसने उन्हें जैविक एवं टिकाऊ खेती की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया।
2019 में हुई 19 Agro – Dasot Organic Farms की शुरुआत
इन्हीं विचारों को साकार रूप देने के लिए वर्ष 2019 में 19 Agro – Dasot Organic Farms की स्थापना की गई। कंपनी का उद्देश्य केवल जैविक कृषि उत्पादों का निर्माण करना नहीं था, बल्कि किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए जागरूक करना भी था।
आज कंपनी वर्मीकम्पोस्ट, बायो-फर्टिलाइज़र, प्लांट ग्रोथ प्रमोटर तथा प्राकृतिक फसल प्रबंधन उत्पादों के माध्यम से किसानों को ऐसे समाधान उपलब्ध करा रही है, जो मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने, उत्पादन बढ़ाने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में सहायक हैं।
‘वृक्ष आयुर्वेद’—कृषि के लिए एक नई सोच
19 Agro की सबसे अनूठी पहल ‘वृक्ष आयुर्वेद’ है। यह अवधारणा भारत की प्राचीन आयुर्वेद परंपरा से प्रेरित है।
जिस प्रकार आयुर्वेद मानव शरीर में रोग के मूल कारण का उपचार करता है, उसी प्रकार वृक्ष आयुर्वेद खेती में केवल बीमारी के लक्षणों को नहीं बल्कि उसकी जड़ तक पहुंचकर समाधान खोजने पर आधारित है।
इस सोच के अनुसार यदि मिट्टी स्वस्थ होगी तो पौधों की जड़ें मजबूत होंगी, पौधों की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और वे बिना अत्यधिक रासायनिक हस्तक्षेप के बेहतर उत्पादन देने में सक्षम होंगे। यह अवधारणा आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक कृषि ज्ञान का प्रभावी समन्वय प्रस्तुत करती है।
संघर्षों से मिली सफलता
किसी भी नए विचार को स्थापित करना आसान नहीं होता। करण दासोत के सामने भी आर्थिक सीमाएं, बाजार की प्रतिस्पर्धा और किसानों का विश्वास जीतने जैसी कई चुनौतियां थीं।
शुरुआती दौर में अनेक लोगों ने जैविक खेती को व्यावहारिक नहीं माना। किसानों को नई पद्धतियां अपनाने के लिए तैयार करना सबसे कठिन कार्य था क्योंकि वे तुरंत परिणाम चाहते थे, जबकि मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने की प्रक्रिया समय और धैर्य मांगती है।
इन चुनौतियों के बावजूद करण दासोत ने हार नहीं मानी। उन्होंने किसानों के खेतों का लगातार दौरा किया, उनकी समस्याओं को समझा, समाधान विकसित किए और स्वयं खेतों में परिणाम दिखाकर विश्वास अर्जित किया। यही विश्वास आज उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि बन चुका है।
किसानों को केवल उत्पाद नहीं, ज्ञान भी दे रही है कंपनी
19 Agro का मानना है कि केवल उत्पाद उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। किसानों को मिट्टी की जैविक संरचना, प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी देना भी उतना ही आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से कंपनी किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने, प्रशिक्षण देने और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। कंपनी का विश्वास है कि ज्ञान ही कृषि क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश है।
खेती से आगे पर्यावरण संरक्षण का सपना
करण दासोत का सपना केवल एक सफल कृषि कंपनी बनाना नहीं है। उनका लक्ष्य भारत में नई हरित क्रांति लाना है, जिसमें खेती और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक बनें।
वे नए जंगल विकसित करने, मौजूदा वनों के संरक्षण, जैव विविधता बढ़ाने तथा प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए किसानों को प्रेरित करना चाहते हैं। उनका मानना है कि कृषि और वन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं तथा प्रकृति के संरक्षण के बिना टिकाऊ कृषि संभव नहीं है।
उनकी दृष्टि में भविष्य का किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि मिट्टी, जल और जंगलों का संरक्षक भी होना चाहिए।
सफलता की नई परिभाषा
करण दासोत के लिए सफलता केवल कारोबार के विस्तार, पुरस्कारों या आर्थिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है।
उनके अनुसार वास्तविक सफलता तब है जब किसी किसान की मिट्टी फिर से उपजाऊ बने, खेतों में केंचुए वापस दिखाई दें, खेती की लागत कम हो और आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ एवं जीवंत मिट्टी विरासत में मिले।
यही सोच उन्हें एक सामान्य उद्यमी से अलग पहचान दिलाती है।
भारत की टिकाऊ कृषि के लिए समर्पित एक मिशन
आज 19 Agro – Dasot Organic Farms प्राकृतिक खेती, मिट्टी संरक्षण और किसान सशक्तिकरण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है। कंपनी का लक्ष्य पूरे देश में ‘वृक्ष आयुर्वेद’ की सोच को पहुंचाकर किसानों को ऐसी खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना है, जो लाभदायक होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल भी हो।
करण दासोत का मानना है कि यदि मिट्टी स्वस्थ होगी तो कृषि मजबूत होगी, कृषि मजबूत होगी तो समाज समृद्ध होगा और प्रकृति का संरक्षण होगा तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
“यदि हम मिट्टी को स्वस्थ करेंगे, तो कृषि स्वस्थ होगी। यदि कृषि स्वस्थ होगी, तो मानवता का भविष्य सुरक्षित होगा। और यदि हम प्रकृति की रक्षा करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर संसार छोड़ पाएंगे।”
इसी विचार के साथ करण दासोत और उनकी टीम भारतीय कृषि को अधिक प्राकृतिक, टिकाऊ और समृद्ध बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।








