प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को नई मजबूती देने के लिए ‘डिफेंस एंड सिक्योरिटी कोऑपरेशन 2026’ पर संयुक्त घोषणा जारी की। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने रक्षा साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने का संकल्प लिया है।
समझौते के अनुसार, दोनों देश एक-दूसरे के क्षेत्रों में सैन्य विमानों की तैनाती बढ़ाएंगे, संयुक्त सैन्य अभ्यासों की संख्या और जटिलता में वृद्धि करेंगे तथा सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability) और रक्षा संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करेंगे।
रक्षा मंत्रियों के बीच होगा नियमित संवाद
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप (CSP) को और सशक्त बनाने पर सहमति जताई है। इसके तहत दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच नियमित संवाद, रणनीतिक विचार-विमर्श और उच्चस्तरीय रक्षा सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
इंडो-पैसिफिक और समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर
संयुक्त घोषणा में मुक्त, शांतिपूर्ण, सुरक्षित और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, संप्रभुता, UNCLOS के पालन तथा India-Australia Maritime Security Collaboration Roadmap के तहत सहयोग को और मजबूत करने का निर्णय लिया।
रक्षा उद्योग और नई तकनीक में सहयोग
दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन, रक्षा नवाचार, उन्नत रक्षा तकनीक, सप्लाई चेन और महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), महत्वपूर्ण तकनीकों और सुरक्षित सप्लाई चेन के विकास पर भी मिलकर काम किया जाएगा।
आतंकवाद और मानव तस्करी के खिलाफ साझा रणनीति
भारत और ऑस्ट्रेलिया आतंकवाद, आतंक वित्तपोषण, साइबर अपराध, ऑनलाइन कट्टरपंथ, अवैध प्रवासन, मानव तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ खुफिया जानकारी साझा करने तथा संयुक्त कार्रवाई को मजबूत करेंगे।
बहुपक्षीय सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
समझौते के तहत दोनों देशों ने अमेरिका और जापान के साथ त्रिपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। साथ ही मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR), संयुक्त राहत अभियान और संकट की स्थिति में समन्वित कार्रवाई को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने इस अवसर पर मुक्त, सुरक्षित और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।








