महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को सिद्धिविनायक मंदिर में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों और उद्धव ठाकरे के प्रस्तावित रामरक्षा आंदोलन को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि सिद्धिविनायक मंदिर में कोई गड़बड़ी हुई थी, तो उस समय मुख्यमंत्री रहे उद्धव ठाकरे ने जांच के आदेश क्यों नहीं दिए।
विधान भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान शिंदे ने कहा कि उनकी सरकार किसानों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है और हाल ही में राज्य सरकार ने कर्जमाफी की शर्तों में राहत देकर लाखों किसानों को बड़ी राहत दी है।
शरद पवार की तारीफ पर क्या बोले शिंदे?
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नेता शरद पवार ने सरकार की किसान कर्जमाफी योजना की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अच्छे काम की सराहना करना एक सकारात्मक सोच का परिचायक है।
शिंदे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल सरकार के हर फैसले का विरोध करने की मानसिकता रखते हैं और बिना तथ्यों के आरोप लगाने का काम करते हैं।
रामरक्षा आंदोलन पर उद्धव ठाकरे पर निशाना
उद्धव ठाकरे द्वारा नागपुर में प्रस्तावित रामरक्षा आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि जनता द्वारा चुनाव में सबक मिलने के बाद अब उन्हें राम की याद आई है।
उन्होंने कहा कि “जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं” और हिंदुत्व कोई ऐसा विषय नहीं है जिसे परिस्थितियों के अनुसार बदला जा सके। शिंदे ने आरोप लगाया कि जिन्होंने पहले अयोध्या राम मंदिर पर सवाल उठाए और हनुमान चालीसा पढ़ने वालों पर कार्रवाई की, वे अब रामरक्षा आंदोलन की बात कर रहे हैं।
सिद्धिविनायक मंदिर विवाद पर क्या कहा?
सिद्धिविनायक मंदिर में कथित अनियमितताओं को लेकर मनसे नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिंदे ने कहा कि यदि उस समय कोई गड़बड़ी हुई थी तो तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जांच के निर्देश क्यों नहीं दिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनियमितता के मामले में दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
अयोध्या मंदिर दान विवाद पर भी बोले
अयोध्या राम मंदिर में दान राशि से जुड़े कथित विवाद का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून अपना काम करेगा।
शिवसेना में नए नेताओं को मौका देने पर प्रतिक्रिया
शिवसेना में नए नेताओं और अन्य दलों से आने वाले लोगों को जिम्मेदारियां दिए जाने के सवाल पर शिंदे ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के विस्तार के लिए नए लोगों को अवसर देना आवश्यक होता है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के विस्तार से कार्यकर्ताओं के लिए भी नए अवसर पैदा होते हैं और शिवसेना हमेशा अपने कार्यकर्ताओं के साथ किए गए वादों को निभाने वाली पार्टी रही है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच एकनाथ शिंदे के इन बयानों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सिद्धिविनायक मंदिर विवाद, रामरक्षा आंदोलन और किसानों के मुद्दे को लेकर राज्य में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।








