शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता एवं सांसद विनायक राऊत और उनके बेटे गीतेश राऊत पर उनकी बहू गिरिजा राऊत द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। गिरिजा राऊत ने अपने ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। हालांकि, विनायक राऊत ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ रची गई साजिश बताया है।
इसी बीच इस पूरे मामले में करुणा मुंडे की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने गिरिजा राऊत के समर्थन में आवाज उठाते हुए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने विनायक राऊत से तीन महत्वपूर्ण सवाल भी पूछे।
करुणा मुंडे ने क्या कहा?
करुणा मुंडे ने कहा कि किसी भी महिला को न्याय मिलना चाहिए और यदि किसी महिला ने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि,
“हर बड़े नेता किसी न किसी तांत्रिक या बाबा के चक्कर में रहता है, लेकिन सबसे पहले एक महिला को न्याय मिलना चाहिए। इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि गिरिजा राऊत ने आर्थिक सहायता या लोन चुकाने के लिए पैसे मांगे थे, तो इसमें गलत क्या है? किसी महिला का जीवन बर्बाद कर देना किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
विनायक राऊत से पूछे तीन सवाल
करुणा मुंडे ने विनायक राऊत से सवाल करते हुए कहा—
- यदि बहू ने आर्थिक मदद मांगी थी तो इसमें गलत क्या था?
- प्रभावशाली लोगों को यह क्यों लगता है कि महिलाओं का जीवन उनकी इच्छा के अनुसार ही चले?
- विवाह के समय आखिर परिवार की जिम्मेदारियों और महिला के सम्मान के बारे में क्या सोच होती है?
महिला आयोग को लेकर भी उठाई मांग
करुणा मुंडे ने राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद के लंबे समय से रिक्त होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द इस पद पर नियुक्ति करनी चाहिए ताकि महिलाओं से जुड़े मामलों का समय पर निपटारा हो सके।
उन्होंने कहा,
“यदि सरकार नियुक्ति नहीं करती, तो मुझे महिला आयोग की जिम्मेदारी दी जाए। मैं महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करूंगी।”
गिरिजा राऊत से मुलाकात करेंगी करुणा मुंडे
करुणा मुंडे ने यह भी घोषणा की कि वह जल्द ही गिरिजा राऊत से मुलाकात करेंगी और उनकी बात सुनने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगी। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला के साथ अन्याय होने पर समाज और व्यवस्था दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि उसे न्याय मिले।
विनायक राऊत ने आरोपों को बताया साजिश
दूसरी ओर, विनायक राऊत ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस साजिश के पीछे कौन लोग हैं, इसके बारे में फिलहाल वह सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहेंगे, लेकिन उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और सत्य जल्द सामने आएगा।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आगे आने वाले तथ्यों पर टिकी हुई है।








