पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत फ्रीज किए गए बैंक खातों को दोबारा संचालित करने की मांग पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।
बताया जा रहा है कि कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने मामले की सुनवाई के दौरान अंतरिम आदेश जारी करते हुए फिलहाल फ्रीज किए गए खातों को संचालित करने की अनुमति नहीं दी। मामले की जांच जारी रहने के कारण अदालत ने तत्काल राहत देने से इंकार किया।
ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेनदेन की जांच के तहत की गई है। एजेंसी ने पीएमएलए की धारा 17(1A) के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग ₹440.42 करोड़ की राशि से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज किया है।
जांच एजेंसी का दावा है कि प्रारंभिक जांच के दौरान ऐसे वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं, जिनकी वैधता की जांच की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में हेलीकॉप्टर खरीद के लिए 17 लाख अमेरिकी डॉलर की व्यवस्था विदेश स्थित एक इकाई के माध्यम से किए जाने की भी जांच की जा रही है।
ईडी का आरोप है कि जांच के दायरे में Embraer Legacy 600 विमान और Agusta हेलीकॉप्टर से जुड़े वित्तीय लेनदेन भी शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि इन संसाधनों के उपयोग और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच जारी है।
इस पूरे मामले में ईडी लगातार वित्तीय दस्तावेजों और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इस मामले पर संबंधित पक्षों की ओर से कानूनी प्रक्रिया जारी है। अदालत का यह आदेश केवल अंतरिम राहत से संबंधित है और मामले की अंतिम सुनवाई तथा जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।








