बांग्लादेश की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब देश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा संसद के स्पीकर हाफिज़ उद्दीन अहमद ने स्वीकार कर लिया है। अब संविधान के प्रावधानों के तहत नए राष्ट्रपति के चुनाव तक स्पीकर कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे।
बताया गया है कि राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं के कारण इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि कई बीमारियों के चलते वह शारीरिक और मानसिक रूप से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम नहीं हैं। इसी कारण उन्होंने स्वेच्छा से पद छोड़ने का फैसला किया।
बांग्लादेश के समाचार माध्यम प्रथम आलो के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 50(3) के तहत राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षरयुक्त पत्र के माध्यम से स्पीकर को इस्तीफा सौंप सकते हैं। वहीं अनुच्छेद 54 के अनुसार, राष्ट्रपति का पद रिक्त होने या उनके कार्य करने में असमर्थ होने की स्थिति में स्पीकर नए राष्ट्रपति के निर्वाचन तक कार्यवाहक राष्ट्रपति का दायित्व संभालते हैं।
संविधान के अनुच्छेद 123(2) के अनुसार, राष्ट्रपति पद रिक्त होने की स्थिति में 90 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव कराना अनिवार्य है। बांग्लादेश में राष्ट्रपति का चुनाव संसद के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है।
मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में बांग्लादेश की संसद में बीएनपी (Bangladesh Nationalist Party) के पास बहुमत है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगला राष्ट्रपति बीएनपी समर्थित उम्मीदवार हो सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच पिछले कई दिनों से संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा चल रही थी।
राष्ट्रपति के इस्तीफे की अटकलें पिछले कुछ दिनों से लगातार लगाई जा रही थीं। सूत्रों के अनुसार, मोहम्मद शहाबुद्दीन मानसिक रूप से इस्तीफा देने का निर्णय पहले ही ले चुके थे। गुरुवार को उन्होंने बंगभवन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी तैयारियों की जानकारी भी दी थी।
मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 अप्रैल 2023 को बांग्लादेश के 22वें राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया था। उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक निर्धारित था, लेकिन उन्होंने कार्यकाल समाप्त होने से लगभग ढाई वर्ष पहले ही पद छोड़ दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि जुलाई 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन और उसके बाद बदलते राजनीतिक समीकरणों के चलते राष्ट्रपति के पद को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी। हाल ही में बीएनपी के सत्ता में आने के बाद शहाबुद्दीन के भविष्य को लेकर अटकलें और तेज हो गई थीं।
राष्ट्रपति के इस्तीफे के साथ ही बांग्लादेश में शीर्ष संवैधानिक पद पर परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब देश की निगाहें नए राष्ट्रपति के चुनाव पर टिकी हैं, जो आगामी 90 दिनों के भीतर संपन्न कराया जाएगा।








