शहर के वार्ड संख्या 27 और 28 में कई महीनों से जारी दूषित पेयजल आपूर्ति और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश गुरुवार को सामने आया। बड़ी संख्या में नागरिक नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत तथा स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कई स्थानों पर जलापूर्ति पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके कारण गंदा पानी पाइपलाइन में मिलकर घरों तक पहुंच रहा है। मजबूरी में लोगों को इसी दूषित पानी का उपयोग पीने और घरेलू कार्यों के लिए करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे उत्पन्न हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि दूषित पानी की वजह से संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान नागरिकों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या की जानकारी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित रूप से दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण समस्या दिन-प्रतिदिन और गंभीर होती जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 40 घरों में जलापूर्ति पूरी तरह बंद हो चुकी है। इसके चलते लोगों को पीने के पानी के लिए दूसरे इलाकों में जाना पड़ रहा है। कई परिवार दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी दैनिक दिनचर्या और सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कराई जाए, दूषित जलापूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा सभी प्रभावित घरों में नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। लोगों ने उम्मीद जताई कि नगर परिषद इस गंभीर जनसमस्या का जल्द समाधान कर आम नागरिकों को राहत प्रदान करेगी।








