मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में सामने आए चर्चित ‘स्नेक बाइट मर्डर केस’ में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, निजी स्कूल संचालक अतुल कुमार की मौत कोई सामान्य हादसा नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। पुलिस का आरोप है कि मृतक की पत्नी दामिनी और स्कूल बस चालक तुषार ने कथित रूप से अवैध संबंध उजागर होने और नौकरी जाने के डर से मिलकर हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, अतुल कुमार हस्तिनापुर क्षेत्र में एक निजी विद्यालय का संचालन करते थे, जबकि उनकी पत्नी दामिनी उसी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत थीं। स्कूल में बस चालक के रूप में कार्यरत तुषार और दामिनी के बीच कथित रूप से नजदीकियां बढ़ गई थीं। जांच में सामने आया है कि अतुल को इन संबंधों की जानकारी होने लगी थी, जिसके बाद उन्होंने तुषार को नौकरी से निकालने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।
जांच अधिकारियों का दावा है कि नौकरी जाने और कथित संबंधों के उजागर होने के डर से दामिनी और तुषार ने अतुल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले हत्या के अन्य तरीके तलाशने का प्रयास किया। जांच में यह भी सामने आया कि कथित रूप से इंटरनेट और विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों पर हत्या के तरीके खोजे गए तथा सड़क दुर्घटना के जरिए हत्या करने की भी कोशिश की गई, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली।
इसके बाद आरोपियों ने कथित रूप से सांप के जरिए हत्या करने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, तुषार को एक अन्य घटना की जानकारी मिली थी, जिसमें सांप के काटने से हुई मौत को सामान्य दुर्घटना माना गया था। इसी आधार पर दोनों ने ऐसी योजना बनाई जिससे हत्या को प्राकृतिक स्नेक बाइट का मामला दिखाया जा सके और संदेह से बचा जा सके।
पुलिस जांच के अनुसार, घटना वाली रात दामिनी ने अतुल को सोने से पहले दूध में नींद की गोलियां मिलाकर दीं, जिससे वह गहरी नींद में सो गए। इसके बाद बच्चों को दूसरे कमरे में सुलाने के बाद कथित रूप से तुषार द्वारा लाया गया जहरीला सांप अतुल के बिस्तर पर छोड़ दिया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि सांप के डसने से अतुल की मौत हो गई और इसे दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है।
यह मामला अपनी अनोखी कथित साजिश और हत्या के तरीके के कारण पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है तथा अदालत में आरोपों को प्रमाणित करने के लिए आवश्यक सबूत प्रस्तुत किए जाएंगे।
हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि मामले में लगाए गए सभी आरोप पुलिस जांच और अभियोजन पक्ष के दावों पर आधारित हैं। अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर किया जाएगा। जब तक अदालत दोष सिद्ध नहीं करती, तब तक सभी आरोपी कानून की दृष्टि में निर्दोष माने जाते हैं।








