माली में कथित तौर पर अपहृत किए गए भारतीय मूल के 75 वर्षीय हीरा कारोबारी धीरू रमानी को लगभग 44 करोड़ रुपये (40 लाख यूरो) की फिरौती दिए जाने के बाद रिहा कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने शुरुआत में करीब 100 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी, जिसे बाद में बातचीत के जरिए कम कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि धीरू रमानी का अप्रैल 2026 में माली में अपहरण कर लिया गया था। हाल ही में उन्होंने वहां एक सोने की खदान खरीदी थी और कुछ समय से वहीं रह रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका में रहने वाले उनके परिवार ने स्वयं अपहरणकर्ताओं से बातचीत की और किसी भी भारतीय सरकारी एजेंसी की प्रत्यक्ष भूमिका के बिना उनकी रिहाई सुनिश्चित की। पिछले सप्ताह फिरौती की राशि चुकाए जाने के बाद उन्हें मुक्त कर दिया गया।
हालांकि रिहाई के बाद भी धीरू रमानी फिलहाल माली में ही हैं। स्थानीय पुलिस उनसे अपहरण और रिहाई से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
धीरू रमानी मूल रूप से गुजरात के अमरेली जिले के धार गांव के निवासी हैं। वर्ष 1980 के आसपास उन्होंने सूरत के हीरा कारोबार से अपना व्यवसाय शुरू किया था। बाद में वे अमेरिका चले गए, जहां उनका परिवार अंतरराष्ट्रीय हीरा व्यापार से जुड़ा हुआ है।
गौरतलब है कि अप्रैल में माली की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बामाको स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा सलाह जारी करते हुए सतर्क रहने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की थी।
इस पूरे मामले ने पश्चिम अफ्रीकी देश माली में सुरक्षा व्यवस्था और विदेशी कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है।








