सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स 600 से अधिक अंक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 करीब 23,900 अंक के स्तर को पार कर गया।
सुबह 9:23 बजे तक सेंसेक्स 565.08 अंक (0.74%) की बढ़त के साथ 76,624.85 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 165.75 अंक (0.69%) की तेजी के साथ 23,931.20 पर पहुंच गया। पिछले सप्ताह लगातार पांच कारोबारी सत्रों में गिरावट के बाद बाजार में यह तेजी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई।
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान में खुले। सबसे अधिक तेजी इंडिगो (InterGlobe Aviation) के शेयरों में दर्ज की गई, जिसमें करीब 2.84% की बढ़त रही। इसके अलावा इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, टीसीएस, टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्टील जैसे प्रमुख शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
निफ्टी-50 में इंटरग्लोब एविएशन, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और इटरनल सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं, व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक क्रमशः 0.98% और 0.86% की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी, मीडिया और एफएमसीजी सेक्टर में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। वहीं, ऑयल एंड गैस सेक्टर में अन्य क्षेत्रों की तुलना में सीमित बढ़त देखने को मिली।
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिली सकारात्मक खबर रही। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य गतिविधियों में कमी आने से वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत की स्थिति बनी।
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 92.36 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। इससे पहले पिछले सप्ताह इसकी कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थी। कच्चे तेल में नरमी से महंगाई और आयात बिल पर दबाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय मुद्रा पर भी देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होकर खुला और शुरुआती कारोबार में इसमें लगभग 0.4 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव नियंत्रित रहता है और कच्चे तेल की कीमतें नरम बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख जारी रह सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और कॉर्पोरेट तिमाही नतीजों पर भी नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।








