दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Meta Platforms Inc. के शेयरों में वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक करीब 20% की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद वॉल स्ट्रीट के अधिकांश विश्लेषक अब भी इस शेयर को ‘Buy’ रेटिंग दे रहे हैं। सवाल यह है कि जब शेयर लगातार दबाव में है, तब भी विशेषज्ञ कंपनी पर इतना भरोसा क्यों जता रहे हैं?
विश्लेषकों का मानना है कि Meta फिलहाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भारी निवेश कर रही है। इस वजह से कंपनी के खर्च तेजी से बढ़े हैं और अल्पकाल में मुनाफे पर दबाव दिखाई दे रहा है। हालांकि, लंबे समय में यही निवेश कंपनी के लिए नए राजस्व स्रोत और मजबूत विकास का आधार बन सकता है।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में Meta को कवर करने वाले 73 विश्लेषकों ने Buy, छह ने Hold और केवल एक ने Sell की रेटिंग दी थी। जुलाई के अंत तक तस्वीर लगभग वही बनी रही। अब भी 72 विश्लेषक Buy और केवल सात Hold की सलाह दे रहे हैं।
हालांकि, कंपनी के बढ़ते AI निवेश को देखते हुए कई ब्रोकरेज हाउस ने अपने Target Price में कटौती की है। औसत लक्ष्य मूल्य 835.65 डॉलर से घटकर 787.40 डॉलर रह गया है।
शुरुआत में JPMorgan ने Meta पर भरोसा जताते हुए अपना लक्ष्य मूल्य बढ़ाया था। लेकिन पहली तिमाही के नतीजों के बाद बैंक ने शेयर की रेटिंग Overweight से Neutral कर दी और लक्ष्य मूल्य घटाकर 725 डॉलर कर दिया।
ब्रोकरेज का कहना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से बढ़ता खर्च, AI क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नए AI उत्पादों से आय आने में लगने वाला समय फिलहाल निवेशकों की चिंता का विषय है।
दूसरी ओर UBS और Wells Fargo जैसे प्रमुख संस्थानों ने Meta पर अपना Buy या Overweight रुख बनाए रखा है। उनका मानना है कि AI की मदद से कंपनी का विज्ञापन कारोबार, बिजनेस मैसेजिंग और डिजिटल कॉमर्स आने वाले वर्षों में और मजबूत होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI आधारित नए उत्पादों से कमाई में समय जरूर लगेगा, लेकिन कंपनी की मौजूदा विज्ञापन मशीनरी भविष्य के निवेश को संभालने में सक्षम है।
Meta के पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे।
- राजस्व बढ़कर 56.3 अरब डॉलर पहुंच गया।
- विज्ञापन इम्प्रेशन में 19% की वृद्धि हुई।
- प्रति विज्ञापन औसत कीमत 12% बढ़ी।
- ऑपरेटिंग मार्जिन 41% पर कायम रहा।
दूसरी तिमाही में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा और राजस्व बढ़कर 60.8 अरब डॉलर हो गया। हालांकि, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, कानूनी खर्च और विशेषज्ञ कर्मचारियों की भर्ती पर बढ़ते खर्च ने कुल व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि की।
Meta ने इस वर्ष AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए अपने पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) का अनुमान कई बार बढ़ाया है।
पहले कंपनी ने 115 से 135 अरब डॉलर के निवेश का अनुमान दिया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 130 से 145 अरब डॉलर कर दिया गया।
इससे साफ है कि कंपनी आने वाले वर्षों में AI को अपने व्यवसाय का सबसे बड़ा आधार बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग लगातार यह दोहरा रहे हैं कि कंपनी केवल मौजूदा उत्पादों में AI जोड़ने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि व्यक्तिगत और व्यावसायिक AI सेवाओं का नया इकोसिस्टम तैयार कर रही है।
कंपनी का मानना है कि AI पहले से ही विज्ञापन कारोबार को बेहतर बना रहा है और भविष्य में यह नए बिजनेस मॉडल तैयार करेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार Meta की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल विज्ञापन नेटवर्क, अरबों सक्रिय उपयोगकर्ता और मजबूत नकदी प्रवाह है। यही कारण है कि निवेशकों को भरोसा है कि कंपनी भारी AI निवेश के बावजूद लंबी अवधि में मजबूत रिटर्न दे सकती है।
हालांकि, फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि Meta AI से कमाई करेगी या नहीं, बल्कि यह है कि AI निवेश का वास्तविक फायदा कंपनी को कितनी जल्दी मिलना शुरू होगा।
Meta के शेयरों में भले ही इस साल लगभग 20% की गिरावट आई हो, लेकिन कंपनी के मूल व्यवसाय पर विश्लेषकों का भरोसा अब भी कायम है। अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि AI पर वर्तमान में किया जा रहा भारी निवेश आने वाले वर्षों में Meta को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। इसलिए अल्पकालिक दबाव के बावजूद वॉल स्ट्रीट का बड़ा वर्ग Meta को अब भी मजबूत दीर्घकालिक निवेश मान रहा है।








