प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अगस्त को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में स्थित भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री राज्य में हजारों करोड़ रुपये की नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) से जुड़ी ट्रांसमिशन परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास भी करेंगे। इस दौरे को आंध्र प्रदेश के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा क्षेत्र और क्षेत्रीय विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा गया है। यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट उत्तर आंध्र प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक विकास को नई गति देगा।
करीब 2,700 एकड़ क्षेत्र में फैला यह आधुनिक हवाई अड्डा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया गया है। इसकी अनुमानित लागत लगभग 5,600 करोड़ रुपये है और इसे करीब 31 महीनों में तैयार किया गया है, जो देश के सबसे तेज़ी से पूरे होने वाले ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में शामिल है।
एयरपोर्ट की शुरुआती क्षमता प्रतिवर्ष लगभग 60 लाख यात्रियों को संभालने की है। भविष्य में इसका विस्तार कर 4 करोड़ यात्रियों तक की क्षमता विकसित करने की योजना है। इसके अलावा यहां कार्गो सेवाओं की भी बेहतर व्यवस्था होगी, जिससे उद्योग और निर्यात क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान आंध्र प्रदेश में कई बड़ी बिजली और ट्रांसमिशन परियोजनाओं का भी शुभारंभ करेंगे।
वे 4.5 गीगावाट क्षमता वाले कुरनूल-IV रिन्यूएबल एनर्जी जोन के पहले चरण की ट्रांसमिशन परियोजना का शिलान्यास करेंगे। लगभग 5,550 करोड़ रुपये की यह परियोजना पावरग्रिड (POWERGRID) द्वारा एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के माध्यम से विकसित की जा रही है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री कुरनूल के पवन एवं सौर ऊर्जा क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 3,550 करोड़ रुपये की ट्रांसमिशन परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।
साथ ही अनंतपुरम और कुरनूल के सौर ऊर्जा क्षेत्रों के लिए 820 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली ट्रांसमिशन योजना का भी लोकार्पण किया जाएगा।
भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुरू होने से उत्तर आंध्र प्रदेश में व्यापार, पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। यह एयरपोर्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और मौजूदा हवाई अड्डों पर बढ़ते दबाव को भी कम करेगा।
राज्य सरकार का मानना है कि यह परियोजना आंध्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ देश और विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, नए एयरपोर्ट और ऊर्जा परियोजनाओं के शुरू होने से उत्तर आंध्र प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा। बेहतर परिवहन सुविधा और मजबूत बिजली अवसंरचना के कारण नए उद्योगों की स्थापना आसान होगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ क्षेत्र का समग्र आर्थिक विकास भी तेज होगा।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केंद्र सरकार की आधारभूत संरचना, हरित ऊर्जा और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। देशभर की नजर इस दौरे और इसके दौरान होने वाली प्रमुख घोषणाओं पर बनी हुई है।








