केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को पुणे दौरे पर हैं। इस दौरान वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करेंगे। शाह के दौरे को लेकर शहर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक ओर उनके स्वागत में बड़े-बड़े बैनर लगाए गए हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है।
पुणे के कई इलाकों में अमित शाह के स्वागत में पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। एक बैनर पर “भारत के चाणक्य का शौर्यभूमि में स्वागत” लिखा गया है। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी व्यंग्यात्मक संदेशों वाले विरोधी बैनर लगाए, जिनमें “तुमचे ते लेकरू आणि आमचं ते कार्ट” जैसे नारे शामिल हैं। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने कुछ विरोधी बैनर हटा दिए हैं।
अमित शाह के दौरे से पहले कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने रातभर में करीब 100 से 150 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और कई नेताओं को नोटिस जारी किए।
कांग्रेस नेता प्रशांत जगताप ने आरोप लगाया कि पुलिस पिछले तीन दिनों से पार्टी कार्यकर्ताओं पर दबाव बना रही है। उनका कहना है कि विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को देखते हुए पुणे में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। उनके काफिले में शामिल वाहनों की डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते द्वारा जांच की गई। शाह जिस होटल में ठहरे हैं, वहां भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
हाल ही में हुए पेपर लीक विवाद और जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के बाद विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रहा है। ऐसे में राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या अमित शाह अपने पुणे दौरे के दौरान इन मुद्दों पर कोई बयान देंगे।
बीजेपी ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का जवाब देने की तैयारी की है। पार्टी के शहर अध्यक्ष धीरज घाटे ने कहा कि जहां कांग्रेस प्रदर्शन करेगी, वहां बीजेपी कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी कार्यकर्ताओं को रोका गया तो बीजेपी भी आंदोलन करेगी।








