झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में पिछले चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र नाथ महतो ने बुधवार को सोनम वांगचुक की अपील के बाद पानी ग्रहण किया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका अनशन समाप्त नहीं हुआ है और आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को देवेंद्र नाथ महतो की सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत हुई। इस दौरान वांगचुक ने उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कम से कम पानी पीने की अपील की। उनकी सलाह मानते हुए महतो ने पानी पिया, लेकिन भोजन ग्रहण नहीं किया।
चार दिनों से भूख हड़ताल पर थे महतो
देवेंद्र नाथ महतो JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से बिना अन्न-जल के धरने पर बैठे थे। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
महतो ने अपने आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी मांग की है। उनका कहना है कि जब तक परीक्षा विवाद की निष्पक्ष जांच नहीं होती और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
केवल पानी पिया, अनशन नहीं तोड़ा
देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल स्वास्थ्य कारणों से पानी ग्रहण किया है। उन्होंने कहा कि उनका आमरण अनशन अभी भी जारी है और अपनी मांगों को लेकर वे पीछे नहीं हटेंगे।
इस घटनाक्रम के बाद झारखंड में JPSC परीक्षा विवाद को लेकर चल रहा आंदोलन एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब सभी की नजर सरकार की अगली प्रतिक्रिया और आंदोलन के आगे के घटनाक्रम पर टिकी हुई है।








