लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद की रक्षा संबंधी स्थायी समिति की बैठक में सैनिक स्कूलों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बढ़ते हस्तक्षेप का मुद्दा उठाया। उनके इस दावे पर समिति के भीतर तीखी बहस हुई, जिसके बाद समिति अध्यक्ष राधा मोहन सिंह ने राहुल गांधी से अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज और प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा।
सैनिक स्कूलों में RSS के हस्तक्षेप का लगाया आरोप
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत संचालित सैनिक स्कूलों में RSS से जुड़े लोगों का प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने इस विषय की जांच कराने की मांग भी की।
समिति अध्यक्ष ने मांगे सबूत
राहुल गांधी के बयान पर समिति अध्यक्ष राधा मोहन सिंह ने कहा कि यदि उनके पास इस संबंध में कोई दस्तावेज या तथ्य हैं, तो वे समिति को उपलब्ध कराएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्राप्त दस्तावेजों को संबंधित मंत्रालय के पास भेजकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यह देखा जाएगा कि PPP मॉडल के तहत किन-किन संस्थाओं को सैनिक स्कूलों का संचालन सौंपा गया है।
सुधांशु त्रिवेदी ने उठाए सवाल
बैठक में बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी से पूछा कि वे यह आरोप किस आधार पर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं को PPP मॉडल के तहत सैनिक स्कूल आवंटित किए गए हैं, उनका RSS से कोई संबंध नहीं है।
इस मुद्दे पर समिति में कुछ समय के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन गई। बाद में समिति अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
जांच का दिया गया आश्वासन
समिति अध्यक्ष ने कहा कि यदि पर्याप्त तथ्य और दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं, तो संबंधित प्राधिकरण से पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
क्या है रक्षा संबंधी स्थायी समिति?
संसद की रक्षा संबंधी स्थायी समिति (Department-related Standing Committee on Defence) रक्षा मंत्रालय के कामकाज, नीतियों, बजट और रक्षा संबंधी योजनाओं की समीक्षा करने वाली संसदीय समिति है।
इस समिति में कुल 31 सदस्य होते हैं, जिनमें 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा से शामिल होते हैं। समिति का प्रमुख उद्देश्य रक्षा मंत्रालय की नीतियों, बजट, सशस्त्र बलों की तैयारियों तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास से जुड़े मामलों की समीक्षा करना है।







