• Create News
  • ▶ Play Radio
  • FCRA संशोधन विधेयक पर शशि थरूर का हमला, बोले- ‘इस कानून से आम भारतीयों को होगा नुकसान’

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA Amendment Bill 2026) का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे कार्यपालिका की शक्तियों के अत्यधिक केंद्रीकरण की दिशा में खतरनाक कदम बताते हुए कहा कि यह कानून सरकार और नागरिक समाज के बीच संबंधों को पूरी तरह बदल देगा।

    ‘लोकतंत्र और नागरिक समाज के लिए खतरा’

    एक लेख में शशि थरूर ने आरोप लगाया कि सरकार स्वतंत्र सामाजिक संगठनों, मानवाधिकार समूहों और थिंक टैंकों को विकास के साझेदार की बजाय संदेह की नजर से देख रही है। उन्होंने कहा कि विदेशी फंडिंग पर लगातार सख्ती के कारण हजारों गैर-सरकारी संस्थाएं पहले ही प्रभावित हो चुकी हैं।

    क्या है प्रस्तावित संशोधन?

    प्रस्तावित संशोधन के तहत यदि किसी संस्था का FCRA पंजीकरण रद्द, सरेंडर या नवीनीकरण न होने के कारण समाप्त हो जाता है, तो सरकार एक ‘डिज़िग्नेटेड अथॉरिटी’ नियुक्त कर सकेगी। यह प्राधिकरण विदेशी अंशदान और उससे बनाई गई संपत्तियों का प्रबंधन अपने हाथ में ले सकेगा।

    विधेयक में यह भी प्रावधान है कि यदि संबंधित संपत्ति किसी धार्मिक स्थल की है, तो उसकी धार्मिक पहचान को बनाए रखा जाएगा।

    चैरिटेबल संस्थानों पर असर की आशंका

    थरूर ने कहा कि विशेष रूप से केरल में चर्च से जुड़े ट्रस्ट, अस्पताल, स्कूल, मेडिकल कॉलेज और सामाजिक संस्थान वर्षों से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उनके अनुसार, यदि सरकार को ऐसी संस्थाओं की संपत्तियों पर नियंत्रण का अधिकार मिल जाता है, तो लाखों लोगों को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

    उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक निर्णय के आधार पर किसी 500-बेड वाले चैरिटेबल अस्पताल या शैक्षणिक संस्थान की संपत्ति सरकारी नियंत्रण में आ सकती है, जिससे आम नागरिकों को नुकसान होगा।

    सरकार की मौजूदा नीतियों पर भी सवाल

    थरूर ने दावा किया कि FCRA नियमों में पहले किए गए बदलावों के कारण विदेशी फंडिंग में भारी गिरावट आई है और कई सामाजिक संगठनों को अपना काम बंद करना पड़ा। उनका कहना है कि नया संशोधन इस स्थिति को और गंभीर बना सकता है।

    विपक्ष से एकजुट होने की अपील

    कांग्रेस सांसद ने इस विधेयक को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए विपक्षी दलों से संसद में एकजुट होकर इसका विरोध करने की अपील की है।

    फिलहाल यह विधेयक संसद में पेश किया जाना प्रस्तावित है और इस पर अंतिम निर्णय संसद की चर्चा और मतदान के बाद ही होगा।

  • Related Posts

    Zepto, BookMyShow समेत 9 डिजिटल प्लेटफॉर्म पर CCPA की कार्रवाई, ‘डार्क पैटर्न’ अपनाने पर लगा 20 लाख रुपये का जुर्माना

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण…

    Continue reading
    झांसी सड़क हादसे में अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान की मौत, भाई से मिलने जा रहा था

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान अहमद की गुरुवार को झांसी में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *