मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील इन दिनों पश्चिम महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। इसी दौरान उन्होंने मराठा आरक्षण आंदोलन, सरकार, अधिकारियों और अपने खिलाफ लगाए जा रहे विभिन्न आरोपों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
सांगली जिले के विटा शहर में पहुंचे मनोज जरांगे पाटील से जब उनके डिफेंडर गाड़ी से घूमने को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने इसका जवाब अपने ही अंदाज में दिया।
जरांगे पाटील ने कहा कि वह समाज के लिए काम करते हैं और समाज को अपना माय-बाप मानते हैं। उनके मुताबिक, समाज के लोग जब नई गाड़ी खरीदते हैं तो खुद उन्हें अपनी गाड़ी में बैठने और साथ चलने के लिए कहते हैं।
डिफेंडर गाड़ी पर लगे आरोपों पर क्या बोले जरांगे पाटील?
मनोज जरांगे पाटील ने कहा, “मैं समाज का काम करता हूं। समाज को अपना माय-बाप माना है। मेरे समाज के लोगों ने अगर कोई नई गाड़ी खरीदी तो कहते हैं- पाटील मेरी गाड़ी में बैठिए और घूमिए। आपको कोई गाड़ी कौन देता है?”
उन्होंने कहा कि उनके पीछे पड़कर लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
जरांगे पाटील ने कहा, “मेरे बारे में बहुत ज्यादा कुरेदने लगे हैं। इनका मुझ पर बहुत ध्यान है।”
उनके इस बयान के बाद डिफेंडर गाड़ी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उनका स्पष्टीकरण सामने आया है।
हादसे में घायल व्यक्ति से मिलने पहुंचे थे जरांगे पाटील
मनोज जरांगे पाटील पश्चिम महाराष्ट्र दौरे के दौरान एक सड़क हादसे में घायल व्यक्ति से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि हादसे में घायल किरण भगत की तबीयत अब काफी बेहतर है और उन्होंने उनसे मुलाकात की है।
जरांगे पाटील के मुताबिक, हादसे के बाद कार्यक्रम और दौरा रद्द करने पर विचार किया गया था। हालांकि, घायल किरण भगत ने ही उन्हें अपना दौरा पूरा करने और कार्यक्रम न रोकने के लिए कहा।
जरांगे पाटील ने कहा, “हादसा हुआ था, लेकिन अब उसकी तबीयत काफी अच्छी है। मैं उससे मिला हूं। हादसे में घायल किरण भगत ने ही कहा कि निर्धारित दौरा पूरा करें, दौरा मत रोकिए।”
कागजात देने वाले व्यक्ति का नाम भी बताया
इस दौरान मनोज जरांगे पाटील ने कुछ दस्तावेजों को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें दस्तावेज देने वाले व्यक्ति का नाम स्वामी है।
उन्होंने कहा, “मुझे कागज जिसने दिए, उसका नाम स्वामी है। अब मैं नाम सार्वजनिक कर रहा हूं।”
इसी दौरान उन्होंने देवेंद्र फडणवीस और बावनकुळे के संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन दावों के संबंध में इस रिपोर्ट के स्रोत में अलग से कोई स्वतंत्र पुष्टि या विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
‘उलटे दिन आए तो बहुत मुश्किल होगी’
मनोज जरांगे पाटील ने सरकार और विरोधियों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट होकर काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “सभी लोगों को समाज के लिए आत्मीयता से काम करना चाहिए। हादसे के बाद कार्यक्रम रद्द करने का विचार था, लेकिन हमारे साथी ने कहा कि दौरा पूरा करें।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि समाज में फूट डालने का प्रयास किया जा रहा है।
जरांगे पाटील ने कहा, “आप जानबूझकर हमारे बीच फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं।”
इसके साथ ही उन्होंने सत्ता को लेकर भी तीखी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा, “आज सत्ता आपके हाथ में है, लेकिन अगर उलटे दिन आए तो बहुत मुश्किल होगी।”
बावनकुळे पर भी साधा निशाना
मनोज जरांगे पाटील ने मंत्री बावनकुळे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को किसी राजनीतिक पक्ष के प्रवक्ता की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए।
जरांगे पाटील ने कहा, “मैं अब बावनकुळे के पीछे बहुत पड़ने वाला हूं। अधिकारियों को प्रवक्ता नहीं बनना चाहिए। उनका अपना अलग स्टेटस होता है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक अधिकारी ने नया पत्र जारी किया और बावनकुळे के पक्ष में बयान दिया।
‘रद्द किया गया प्रमाणपत्र वापस चाहिए’
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मनोज जरांगे पाटील ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि रद्द किए गए प्रमाणपत्र वापस चाहिए और इसके बिना समाज चुप नहीं बैठेगा।
उन्होंने कहा, “रद्द किए गए प्रमाणपत्र हमें फिर से चाहिए। इसके बिना हम चुप नहीं बैठेंगे।”
जरांगे पाटील ने आगामी 29 अगस्त को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उस दिन पूर्ण आरक्षण और उसके क्रियान्वयन की मांग को लेकर लड़ाई आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने समाज के लोगों से हर घर तक पहुंचकर लोगों को जागरूक करने और इस लड़ाई को सफल बनाने की अपील की।
‘मेरे सिर पर चढ़ गया तो बाजार उठाए बिना नहीं रहूंगा’
अधिकारियों पर निशाना साधते हुए मनोज जरांगे पाटील ने बेहद आक्रामक बयान भी दिया।
उन्होंने कहा, “ऐसे अधिकारियों को मेरे रास्ते में नहीं आना चाहिए। अगर वह मेरे सिर पर चढ़ गया तो उसका बाजार उठाए बिना नहीं रहूंगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि मराठा समाज के आरक्षण की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पश्चिम महाराष्ट्र के मराठा समाज से सावधान रहने की अपील
मनोज जरांगे पाटील ने पश्चिम महाराष्ट्र के मराठा समाज की भूमिका को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर समाज शांत बैठा रहा तो उसके अस्तित्व पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा, “अगर हम शांत बैठे तो हमारा अस्तित्व नहीं बचेगा। मुंह तक आया निवाला निकालने की कोशिश मंत्रियों ने शुरू कर दी है। समाज के लिए अब मैं अपनी जान भी दांव पर लगा सकता हूं। पश्चिम महाराष्ट्र का मराठा जागरूक हुआ, यह मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है।”
उनके इस बयान से साफ है कि वह पश्चिम महाराष्ट्र के दौरे के जरिए मराठा आरक्षण आंदोलन को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
29 अगस्त को लेकर बढ़ी हलचल
मनोज जरांगे पाटील ने 29 अगस्त को लेकर समाज के लोगों से तैयार रहने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रत्येक घर तक पहुंचकर समाज के लोगों को जागरूक करने की अपील की।
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जरांगे पाटील लगातार सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में उनके ताजा बयानों के बाद आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज होने की संभावना है।
डिफेंडर विवाद से लेकर आरक्षण तक, जरांगे पाटील का आक्रामक रुख
पश्चिम महाराष्ट्र दौरे के दौरान मनोज जरांगे पाटील ने डिफेंडर गाड़ी को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने के साथ-साथ मराठा आरक्षण के मुद्दे पर भी अपना रुख स्पष्ट किया।
उन्होंने सरकार और अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए तथा 29 अगस्त को लेकर समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि आगामी दिनों में मराठा आरक्षण आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है और सरकार की ओर से इन बयानों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
मनोज जरांगे पाटील ने पश्चिम महाराष्ट्र दौरे के दौरान डिफेंडर गाड़ी से घूमने को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि समाज के लोग खुद उन्हें अपनी नई गाड़ी में बैठने और साथ चलने के लिए कहते हैं। इस दौरान उन्होंने सरकार, बावनकुळे और कुछ अधिकारियों पर भी निशाना साधा। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर उन्होंने कहा कि रद्द किए गए प्रमाणपत्र वापस मिलने चाहिए और समाज बिना आरक्षण के चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने 29 अगस्त को पूर्ण आरक्षण और उसके क्रियान्वयन की मांग को लेकर लड़ाई तेज करने की बात कही और समाज के लोगों से हर घर तक पहुंचकर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।








