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  • ‘देश को कोविंद जी जैसे युवाओं की जरूरत…’, पूर्व राष्ट्रपति की आत्मकथा के विमोचन पर ऐसा क्यों बोले PM मोदी पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ के विमोचन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आत्मकथा लोकतंत्र के लिए धरोहर बनेगी. देश की युवा पीढ़ी उनके जीवन-सफर और अनुभवों को पढ़ें. ‘देश को कोविंद जी जैसे युवाओं की जरूरत…’, पूर्व राष्ट्रपति की आत्मकथा के विमोचन पर ऐसा क्यों बोले PM मोदी Pm Modi TV9 Bharatvarsh TV9 Bharatvarsh | Edited By: मुकेश झा | Updated on: Aug 12, 2026 11:05 AM IST Google News Badge Share 3 मुख्य बातें PM मोदी बोले- हमें भविष्य में कोविंद जी जैसे अनेकों युवा चाहिए कोविंद का समाज और राष्ट्र के लिए अहम योगदान- PM मोदी आत्मकथा में रामनाथ कोविंद के जीवन और संघर्षों का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ का विमोचन किया. इस दौरान उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति की जमकर तारीफ की. पीएम मोदी ने कहा कि रामनाथ कोविंद का समाज और राष्ट्र के लिए अहम योगदान है. उनकी आत्मकथा लोकतंत्र के लिए धरोहर बनेगी. मैं चाहता हूं कि देश की युवा पीढ़ी कोविंद के जीवन-सफर को उन्हीं के शब्दों में जानें और उनकी लिखी बातें और अनुभवों को पढ़ें. उनसे सीखने के लिए बहुत कुछ है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को कोविंद जी जैसे युवाओं की जरूरत है. मैं रामनाथ कोविंद जी को इस आत्मकथा के लिए बहुत बधाई देता हूं. पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद से सेवामुक्त होने के बाद भी उन्होंने विश्राम नहीं लिया है. वो अभी भी ‘एक देश, एक चुनाव’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर काम कर रहे हैं. ये एक ऐसा विषय है, जिसका समाधान देश के लोकतंत्र का नया अध्याय शुरू कर सकता है. मैं मानता हूं, कोविंद जी की इस कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभाव से देश के लोग बहुत कुछ सीख सकते हैं. हमें भविष्य में कोविंद जी जैसे अनेकों युवा चाहिए- PM मोदी प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविंद जी जैसे व्यक्तित्वों ने अपने श्रम और काबिलियत से न सिर्फ अपना जीवन बदला बल्कि सदियों के उस सपने और विजन को साकार करने में अपनी अहम भूमिका निभाई. इस दिशा में हम सबके प्रयास अभी भी जारी हैं. हमें भविष्य में कोविंद जी जैसे अनेकों युवा चाहिए, जो परेशानियों से परास्त न हों, जो मुश्किलों से मायूस न हों, बल्कि अपनी मेहनत से हर मंजिल को आसान बनाने का हौसला रखें. इसी बदलाव से सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प पूरा होगा. यहीं से आत्मनिर्भर और विकसित भारत का रास्ता बनेगा. यह भी पढ़ें- पूर्व राष्ट्रपति की आत्मकथा का विमोचन, PM बोले- लोकतंत्र के लिए धरोहर रामनाथ कोविंद को मुश्किलों ने मजबूत किया- PM मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि रामनाथ कोविंद जी एक सामान्य परिवार से आते हैं. कानपुर देहात में उनका जन्म हुआ. कोविंद जी ने अपनी किताब में लिखा है कि कैसे गर्मी के मौसम में एक दिन उनके घर में आग लग गई, उनकी मां अपनी चिंता छोड़कर घर की चीजों को बचा रही थीं. एक सामान्य परिवार में मां के लिए एक-एक चीज बच्चों के पालन-पोषण का जरिया होती है. उसी कोशिश में आग में फंसकर उनकी माता जी की मृत्यु हो गई. आप कल्पना कर सकते हैं, छोटी सी उम्र में इस तरह की घटना, मां को इस तरह खो देना, कितना दर्दनाक रहा होगा. मैं तो भाग्यशाली रहा हूं, मेरी मां 100 वर्ष से अधिक जीवित रहीं और मुझे आशीर्वाद देती रहीं, इसके बावजूद मैं मां की कमी महसूस करता हूं. उनके जीवन का ऐसा दर्दनाक घटनाक्रम था कि कोई भी इससे टूट सकता था. लेकिन कोविंद जी को उन मुश्किलों ने मजबूत किया. किताब में रामनाथ कोविंद के जीवन और संघर्षों का जिक्र बता दें कि रामनाथ कोविंद की इस किताब में उनके जीवन और संघर्षों का जिक्र है. इसमें उनके गांव से राष्ट्रपति भवन तक का जिक्र है.

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    पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ का बुधवार को विमोचन किया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान की जमकर सराहना की।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रामनाथ कोविंद का जीवन देश के लिए प्रेरणादायक है। उनकी आत्मकथा लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर साबित होगी। पीएम मोदी ने देश की युवा पीढ़ी से कोविंद के जीवन-सफर और अनुभवों को पढ़ने तथा उनसे सीख लेने की अपील भी की।

    पीएम मोदी ने कहा- देश को कोविंद जी जैसे युवाओं की जरूरत

    आत्मकथा के विमोचन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश को भविष्य में रामनाथ कोविंद जैसे अनेक युवाओं की जरूरत है।

    उन्होंने कहा कि कोविंद जैसे व्यक्तित्वों ने अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर न सिर्फ अपने जीवन को बदला, बल्कि लंबे समय से देखे जा रहे सपनों और विजन को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं को परेशानियों से हार नहीं माननी चाहिए और मुश्किल परिस्थितियों से निराश होने के बजाय मेहनत के जरिए हर मंजिल को हासिल करने का हौसला रखना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि इसी तरह के प्रयासों से सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प पूरा होगा और आत्मनिर्भर तथा विकसित भारत का रास्ता मजबूत होगा।

    ‘आत्मकथा लोकतंत्र के लिए धरोहर बनेगी’

    प्रधानमंत्री मोदी ने रामनाथ कोविंद को आत्मकथा लिखने के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनका समाज और राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

    पीएम मोदी ने कहा कि वह चाहते हैं कि देश की युवा पीढ़ी रामनाथ कोविंद के जीवन-सफर को उन्हीं के शब्दों में जाने। उनकी लिखी बातें और अनुभव युवाओं को बहुत कुछ सीखने का अवसर देंगे।

    उन्होंने कहा कि रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी विश्राम नहीं कर रहे हैं और लगातार महत्वपूर्ण विषयों पर काम कर रहे हैं।

    ‘एक देश, एक चुनाव’ पर भी काम कर रहे हैं कोविंद

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामनाथ कोविंद के वर्तमान कार्यों का जिक्र करते हुए ‘एक देश, एक चुनाव’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर उनके काम की सराहना की।

    पीएम मोदी के मुताबिक, यह ऐसा विषय है जिसका समाधान देश के लोकतंत्र में एक नया अध्याय शुरू कर सकता है।

    उन्होंने कहा कि रामनाथ कोविंद की कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभाव से देश के लोगों को बहुत कुछ सीखने को मिल सकता है।

    मुश्किलों ने रामनाथ कोविंद को बनाया मजबूत

    प्रधानमंत्री मोदी ने रामनाथ कोविंद के जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह एक सामान्य परिवार से आते हैं और उनका जन्म कानपुर देहात में हुआ था।

    पीएम मोदी ने आत्मकथा में बताए गए एक दर्दनाक प्रसंग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में एक दिन कोविंद जी के घर में आग लग गई थी। उस समय उनकी मां घर की चीजों को बचाने की कोशिश कर रही थीं।

    इसी दौरान आग में फंसने के कारण उनकी माता जी की मृत्यु हो गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि कम उम्र में मां को इस तरह खोना बेहद दर्दनाक घटना रही होगी।

    उन्होंने कहा कि ऐसी घटना किसी भी व्यक्ति को अंदर से तोड़ सकती है, लेकिन रामनाथ कोविंद ने इन मुश्किल परिस्थितियों से हार नहीं मानी। बल्कि इन चुनौतियों ने उन्हें और मजबूत बनाया।

    पीएम मोदी ने अपनी मां का भी किया जिक्र

    रामनाथ कोविंद के जीवन में मां के महत्व और उनके निधन के प्रसंग का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी मां को भी याद किया।

    उन्होंने कहा कि वह भाग्यशाली रहे कि उनकी मां 100 वर्ष से अधिक समय तक जीवित रहीं और उन्हें आशीर्वाद देती रहीं। इसके बावजूद उन्हें अपनी मां की कमी महसूस होती है।

    पीएम मोदी ने कहा कि रामनाथ कोविंद के जीवन में कम उम्र में आया यह दर्दनाक दौर उनके लिए बेहद कठिन रहा होगा, लेकिन उन्होंने इस चुनौती को अपनी ताकत में बदल दिया।

    गांव से राष्ट्रपति भवन तक का सफर

    रामनाथ कोविंद की आत्मकथा में उनके जीवन के संघर्षों और उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया गया है।

    किताब में उनके गांव से लेकर राष्ट्रपति भवन तक के सफर को शामिल किया गया है। सामान्य परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उनकी यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है।

    आत्मकथा में उनके जीवन के विभिन्न अनुभवों और संघर्षों को उनके अपने नजरिए से सामने रखा गया है।

    युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी कोविंद की कहानी

    प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से साफ है कि रामनाथ कोविंद की आत्मकथा को केवल एक पूर्व राष्ट्रपति की जीवन-कथा के रूप में नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणादायक अनुभवों के संग्रह के रूप में भी देखा जा रहा है।

    कोविंद के संघर्ष, मेहनत और विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने की कहानी यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियां व्यक्ति के रास्ते में बाधा जरूर बन सकती हैं, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के जरिए उन्हें पार किया जा सकता है।

    पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ के विमोचन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जीवन और राष्ट्र के प्रति योगदान की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि देश को भविष्य में कोविंद जी जैसे अनेक युवाओं की जरूरत है। उन्होंने उनकी आत्मकथा को लोकतंत्र के लिए धरोहर बताते हुए युवाओं से उनके जीवन और अनुभवों से सीखने की अपील की। पीएम मोदी ने कोविंद के बचपन के संघर्षों, उनकी मां के निधन और गांव से राष्ट्रपति भवन तक के सफर का भी उल्लेख किया।

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