प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वनिधि योजना जिले के हजारों पथ विक्रेताओं के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बन रही है। योजना के तहत अब तक हनुमानगढ़ जिले के 8,879 पथ विक्रेताओं को ऋण वितरित किया जा चुका है।
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020 में शुरू की गई इस योजना का विस्तार अब मार्च 2030 तक कर दिया गया है। योजना का उद्देश्य रेहड़ी, ठेला और फेरी लगाकर आजीविका चलाने वाले पथ विक्रेताओं को कार्यशील पूंजी के लिए ऋण उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है।
अब 50 हजार रुपये तक मिलेगा ऋण
संशोधित प्रावधानों के अनुसार पात्र पथ विक्रेताओं को अब क्रमशः 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। यह ऋण क्रेडिट गारंटी सुविधा के साथ दिया जा रहा है।
योजना के तहत दूसरे ऋण की समय पर अदायगी करने वाले लाभार्थियों को 30 हजार रुपये तक की साख सीमा वाला यूपीआई आधारित रुपे क्रेडिट कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा।
डिजिटल लेनदेन पर कैशबैक का लाभ
योजना में डिजिटल लेनदेन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। पात्र लाभार्थियों को 1,200 रुपये तक कैशबैक दिए जाने का प्रावधान है। निर्धारित शर्तों के अनुसार अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का लाभ भी दिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को डिजिटल भुगतान की ओर प्रोत्साहित करना और उनके आर्थिक लेनदेन को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को मिलेगा प्रशिक्षण
योजना के तहत स्ट्रीट फूड का व्यवसाय करने वाले विक्रेताओं के लिए एफएसएसएआई के सहयोग से खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित तरीके से खाद्य सामग्री तैयार करने के संबंध में विक्रेताओं को आवश्यक जानकारी मिल सकेगी।
8,879 पथ विक्रेताओं को ऋण वितरित
नोडल अधिकारी के अनुसार जिले में प्रथम, द्वितीय और तृतीय ऋण को मिलाकर कुल 17,869 पात्र लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अब तक:
- 10,110 आवेदन स्वीकृत
- 8,985 ऋण स्वीकृत
- 8,879 ऋण वितरित
- 106 प्रकरण बैंकों में लंबित
- 1,125 प्रकरण वितरण की प्रक्रिया में
इस तरह योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में पथ विक्रेताओं को अपना छोटा व्यवसाय आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है।
‘स्वनिधि से समृद्धि’ कार्यक्रम से सामाजिक सुरक्षा का लाभ
पीएम स्वनिधि योजना के साथ ‘स्वनिधि से समृद्धि’ कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।
इसके माध्यम से लाभार्थियों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक प्रोफाइलिंग की जाती है। इसके बाद पात्रता के आधार पर उन्हें केंद्र सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
इससे योजना का दायरा केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लाभार्थी परिवारों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में भी मदद मिलती है।
किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?
शहरी क्षेत्रों में छोटे स्तर पर स्वरोजगार करने वाले कई प्रकार के पथ विक्रेता इस योजना के पात्र हो सकते हैं।
इनमें शामिल हैं:
- रेहड़ी और ठेला संचालक
- फेरी लगाने वाले
- रिक्शा चालक
- हेयर ड्रेसर
- मोची
- कुम्हार
- बढ़ई
- दर्जी
- धोबी
- प्लंबर
- बिजली मिस्त्री
- पेंटर
- हॉकर
- अन्य छोटे स्वरोजगार करने वाले पथ विक्रेता
जिन पात्र विक्रेताओं के पास वेंडिंग प्रमाण-पत्र है या जिन्हें नगर निकाय अथवा टाउन वेंडिंग कमेटी द्वारा अनुशंसित किया गया है, वे भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
नगर निकायों की महत्वपूर्ण भूमिका
योजना के तहत नगर निकायों द्वारा सर्वे कर पात्र पथ विक्रेताओं को वेंडिंग प्रमाण-पत्र और पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं।
इसके माध्यम से पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजना के तहत ऋण और अन्य सुविधाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने की लाभ लेने की अपील
जिला प्रशासन ने पात्र पथ विक्रेताओं से अपील की है कि वे अपने संबंधित शहरी निकाय या बैंक से संपर्क कर पीएम स्वनिधि योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
प्रशासन का कहना है कि योजना के माध्यम से छोटे कारोबारियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
पीएम स्वनिधि योजना हनुमानगढ़ जिले के हजारों पथ विक्रेताओं के लिए स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। जिले में अब तक 8,879 ऋण वितरित किए जा चुके हैं। योजना का विस्तार मार्च 2030 तक कर दिया गया है और संशोधित प्रावधानों के तहत पात्र विक्रेताओं को 50 हजार रुपये तक ऋण, यूपीआई आधारित रुपे क्रेडिट कार्ड, डिजिटल लेनदेन पर कैशबैक और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। जिला प्रशासन ने पात्र पथ विक्रेताओं से संबंधित नगर निकाय या बैंक से संपर्क कर योजना का लाभ उठाने की अपील की है।








