कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ शो में दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर कथित असंवेदनशील टिप्पणियों के मामले में दर्ज सभी FIR को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रद्द कर दिया।
समय रैना के साथ चार अन्य लोगों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले मामले को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए समय रैना और अन्य आरोपियों को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और फंड जुटाने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी FIR की रद्द
शुक्रवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस जेवी मोहन की पीठ ने मामले की सुनवाई की।
पीठ ने समय रैना और अन्य लोगों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्देशों का पालन किए जाने पर गौर किया। इसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों और FIR को रद्द करने का आदेश दिया।
इस दौरान कोर्ट ने दिव्यांग व्यक्तियों के लाभ के लिए कार्यक्रम आयोजित करने के उनके प्रयासों की सराहना भी की।
कोर्ट ने कहा- सकारात्मक दिशा में प्रयास का अच्छा परिणाम होगा
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान समय रैना और अन्य के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जब प्रयास वास्तविक और सकारात्मक होते हैं तो उनके अच्छे परिणाम सामने आते हैं।
कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि युवा सकारात्मक दिशा में काम करना शुरू करते हैं, तो उसके सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से सामने आएंगे।
इस टिप्पणी के बाद अदालत ने मामले में दर्ज आपराधिक मामलों को समाप्त करने की प्रक्रिया पूरी की।
पहले कोर्ट ने लगाई थी फटकार
इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और अन्य के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई थी।
कोर्ट ने उनके द्वारा दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं करने को गंभीरता से लिया था और उन पर 3 लाख रुपये का खर्च भी लगाया था।
अदालत ने पहले समय रैना को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा उनके हित में फंड जुटाने का निर्देश दिया था।
‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ के विवादित एपिसोड से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला समय रैना द्वारा होस्ट किए जाने वाले शो ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ के एक विवादित एपिसोड से जुड़ा था।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शो के दौरान दिव्यांग व्यक्तियों और स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) जैसी गंभीर बीमारी से जुड़े मुद्दों पर असंवेदनशील टिप्पणियां की गईं।
इस मामले को लेकर समय रैना के अलावा कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और अन्य लोगों के खिलाफ भी शिकायतें और FIR दर्ज की गई थीं।
Cure SMA India Foundation ने दायर की थी याचिका
Cure SMA India Foundation की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि समय रैना ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के इलाज की अधिक लागत को लेकर असंवेदनशील टिप्पणी की और कथित तौर पर इस बीमारी से प्रभावित एक व्यक्ति का मजाक उड़ाया।
याचिका में ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ के विवादित कंटेंट को लेकर भी चिंता जताई गई थी।
समय रैना के साथ अन्य लोगों पर भी दर्ज हुए थे मामले
विवादित एपिसोड के बाद समय रैना के साथ सोशल मीडिया से जुड़े अन्य लोगों पर भी मामले दर्ज किए गए थे।
इनमें विपिन गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर के नाम शामिल थे।
इन लोगों पर शो में कथित अश्लील और असंवेदनशील टिप्पणियों से जुड़े आरोप लगाए गए थे।
कोर्ट ने सकारात्मक कामों को माना महत्वपूर्ण
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान इस बात को महत्वपूर्ण माना कि समय रैना और अन्य लोगों ने कोर्ट के निर्देशों के तहत दिव्यांग व्यक्तियों के हित में कार्यक्रम आयोजित करने और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में काम किया।
अदालत ने उनके प्रयासों को सकारात्मक दिशा में उठाया गया कदम माना और इसके बाद सभी आपराधिक मामलों को रद्द कर दिया।
समय रैना को मिली बड़ी कानूनी राहत
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद समय रैना को ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है।
विवादित टिप्पणियों को लेकर देशभर में चर्चा और कानूनी कार्रवाई का सामना करने के बाद अब शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज FIR और आपराधिक मामलों को समाप्त कर दिया है।
हालांकि, इस पूरे मामले ने मनोरंजन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में संवेदनशील विषयों को प्रस्तुत करने को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस भी खड़ी की थी।
‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ में कथित असंवेदनशील टिप्पणियों को लेकर दर्ज मामलों में कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और चार अन्य के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द कर दी हैं। कोर्ट ने दिव्यांग व्यक्तियों के हित में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और फंड जुटाने के उनके प्रयासों की सराहना की। इससे पहले अदालत ने उन्हें इस दिशा में काम करने के निर्देश दिए थे और पिछली सुनवाई में 3 लाख रुपये का खर्च भी लगाया था। अब शीर्ष अदालत के फैसले के बाद समय रैना के खिलाफ इस मामले में दर्ज आपराधिक कार्रवाई समाप्त हो गई है।








