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  • दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा कुख्यात हथियार तस्कर ‘पिस्टल’, आईएसआई से जुड़ा बड़ा खुलासा

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         दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात हथियार तस्कर सलीम अहमद उर्फ ‘पिस्टल’ को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के मुताबिक, सलीम अहमद भारत में नकली हथियार बनाने की फैक्ट्री लगाने की योजना पर काम कर रहा था और इसमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से उसका सीधा संपर्क था।

    जांच में सामने आया है कि सलीम अहमद उर्फ पिस्टल, पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक एक हथियार फैक्ट्री लगाने की योजना बना चुका था। इस फैक्ट्री में तुर्की की जिगाना (Zigana) और चीन की स्टार (Star) पिस्तौल के नकली वर्ज़न तैयार किए जाने वाले थे। तैयार किए गए हथियारों को दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कुख्यात गैंगस्टरों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क आतंकवाद और संगठित अपराध को बढ़ावा देने का एक बड़ा षड्यंत्र था।

    दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि ‘पिस्टल’ नाम का यह तस्कर सक्रिय रूप से हथियारों की सप्लाई में जुटा हुआ है। पुलिस ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार किया। शुरुआती पूछताछ में ही उसने आईएसआई से जुड़े अपने रिश्तों का खुलासा कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ‘पिस्टल’ ने यह भी माना कि उसकी योजना नकली हथियारों के जरिए देश के कई राज्यों में आपराधिक नेटवर्क को हथियार उपलब्ध कराने की थी।

    ‘पिस्टल’ की योजना सिर्फ तस्करी तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसने नकली हथियार बनाने की फैक्ट्री तैयार करने का ब्लूप्रिंट भी बना लिया था। इन हथियारों की लागत कम और सप्लाई तेज़ होती। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के अपराधी गिरोह इन हथियारों को आसानी से खरीद पाते। नकली पिस्तौल दिखने और चलने में बिल्कुल असली जैसी होती, जिससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती मिल सकती थी।

    पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि सलीम अहमद का यह नेटवर्क काफी पुराना है। उसके नेपाल और पाकिस्तान से भी संपर्क थे। हथियारों को छिपाकर मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक सामान में सप्लाई किया जाता था। यह रैकेट न सिर्फ आपराधिक गिरोहों को बल्कि आतंकी संगठनों को भी हथियार उपलब्ध कराने की कोशिश में था।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आईएसआई की मंशा भारत में हथियारों की सप्लाई बढ़ाकर आंतरिक अस्थिरता पैदा करना है। नकली हथियारों के जरिए वह कम लागत पर ज्यादा संख्या में हथियार उपलब्ध करा सकता था। इससे गैंगवार, अपराध और आतंकवादी गतिविधियों में तेजी आने का खतरा था।

    दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा 
    “यह गिरफ्तारी हमारी बड़ी कामयाबी है। पिस्टल जैसे तस्कर, आईएसआई की साजिशों को आगे बढ़ाने का काम करते हैं। हमने इसे समय रहते पकड़ लिया, वरना यह फैक्ट्री भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती थी।”

    यह मामला कई वजहों से बेहद गंभीर है। यह आईएसआई और भारत के आपराधिक नेटवर्क के बीच की सांठगांठ को उजागर करता है। नकली हथियार फैक्ट्री भारत की सुरक्षा के लिए नए खतरे का संकेत है। यह गिरफ्तारी बताती है कि भारत में हथियार तस्करी का नेटवर्क कितना गहरा और संगठित है।

    हालांकि ‘पिस्टल’ की गिरफ्तारी एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती खत्म नहीं हुई है। आईएसआई भारत में नए-नए तरीकों से हथियारों की सप्लाई की कोशिश कर रही है। ऐसे में भारत को अपनी सीमा सुरक्षा और आंतरिक खुफिया नेटवर्क को और मजबूत करना होगा। साथ ही पड़ोसी देशों के साथ मिलकर साझा रणनीति अपनानी होगी।

    दिल्ली पुलिस द्वारा कुख्यात हथियार तस्कर सलीम अहमद उर्फ ‘पिस्टल’ की गिरफ्तारी भारत की सुरक्षा एजेंसियों की एक बड़ी जीत है। इस मामले ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान की आईएसआई लगातार भारत को अस्थिर करने के लिए नए रास्ते तलाश रही है। यह घटना भारत के लिए एक चेतावनी है कि नकली हथियारों और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

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